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एंटी-सबमरीन वॉरफेयर में बढ़ी भारत की ताकत, नेवी में कमीशन हुआ 'मालवन'; 80% स्वदेशी पार्ट्स से है बना

 Written By: Vinay Trivedi @JournoVinay
 Published : Jul 22, 2026 11:39 am IST,  Updated : Jul 22, 2026 11:58 am IST

भारत की ताकत एंटी-सबमरीन वॉरफेयर के मामले में बढ़ गई है क्योंकि आज इंडियन नेवी में 'मालवन' कमीशन हो गया है। इसकी खास बात ये भी है कि मालवन 80 प्रतिशत स्वदेशी पार्ट्स से बना है।

Indian Navy Malvan- India TV Hindi
नौसेना में कमीशन हुआ माहे-क्लास एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट का दूसरा जहाज 'मालवन'। Image Source : PHOTO/INDIAN NAVY-YOUTUBE

भारतीय नौसेना ने आज (बुधवार को) माहे-क्लास एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट यानी ASW-SWC के दूसरे जहाज, 'मालवन' को कमीशन किया है। नेवी के कार्यक्रम की अध्यक्षता एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने की। इस समारोह में वेस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ और वाइस एडमिरल संजय वत्सायन भी मौजूद रहे। साथ ही, इंडियन नेवी के अन्य सीनियर अफसर, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (कोच्चि) के प्रतिनिधि और पूर्व सैनिक भी समारोह में शामिल हुए।

समंदर के रास्ते ही व्यापार और उससे देश का भविष्य तय होता है

इस अवसर पर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा, "हम समझते हैं कि किसी भी देश के लिए समुद्र की सुरक्षा कितनी जरूरी है, क्योंकि समंदर के रास्ते ही व्यापार तय करते हैं और ट्रेड ही देश का भविष्य तय करता है। हिंद महासागर का क्षेत्र हमारे लिए महत्वपूर्ण है। इंडियन नेवी, समुद्री संचार और व्यापार के सुरक्षित और बिना रुकावट चलने को सुनिश्चित करने में अहम रोल निभा रही है।''

ASW-SWC के इस युद्धपोत में 80 प्रतिशत स्वदेशी चीजों के इस्तेमाल से हम जल्द ही आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेंगे। इंडियन नेवी ने शुरू से ही इस मंत्र को अपनाया, जबकि भारतीय वायुसेना ने इस दिशा में काफी देर से काम शुरू किया, क्योंकि अलग-अलग क्षेत्रों को आगे बढ़ने में अलग-अलग समय लगता है: एयर चीफ मार्शल एपी सिंह

थलसेना और IAF भी आत्मनिर्भर बनने पर करेंगे फोकस

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने आगे कहा कि मुझे आशा है कि बाकी दो सेनाएं भी, खासकर IAF, इस बात से सीख लेंगी कि भारतीय नौसेना ने इस कॉन्सेप्ट को कितनी अच्छी तरह से लागू किया है।

80 प्रतिशत से ज्यादा स्वदेशी पार्ट्स से बना है युद्धपोत

गौरतलब है कि कोच्चि के कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में बना 'मालवन' जहाज, मॉडर्न नेवल शिप-बिल्डिंग और डिजाइन के सेक्टर में भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' विजन का बेहतरीन उदाहरण है। 80 फीसदी से अधिक स्वदेशी पार्ट्स से बना यह जहाज, युद्धपोत के डिजाइन, निर्माण और इंटीग्रेशन में देश की बढ़ती महारत को दिखाता है। इससे पहले हाल ही में स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि भारतीय नौसेना में शामिल हुआ था। तब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि यह आत्मनिर्भर भारत की ताकत का प्रतीक है।

(इनपुट- ANI)

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