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RBI ने महिंद्रा फाइनेंस पर की कार्रवाई, रिकवरी एजेंटों ने किसान की गर्भवती बेटी को ट्रैक्टर से कुचल डाला था

 Edited By: Khushbu Rawal
 Published : Sep 23, 2022 07:39 pm IST,  Updated : Sep 23, 2022 07:39 pm IST

Jharkhand News: हजारीबाग जिले के इचाक में महिंद्रा फाइनेंस के रिकवरी एजेंटों ने एक दिव्यांग किसान मिथिलेश मेहता की युवा गर्भवती पुत्री मोनिका मेहता को बीते 16 सितंबर को ट्रैक्टर से कुचल डाला था। गंभीर रूप से जख्मी मोनिका की मौत इलाज के लिए रांची ले जाने के दौरान हो गई थी।

किसान की गर्भवती बेटी...- India TV Hindi
किसान की गर्भवती बेटी को ट्रैक्टर से कुचल कर मार डाला Image Source : IANS

Jharkhand News: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने झारखंड के हजारीबाग में महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों द्वारा एक किसान की गर्भवती पुत्री को ट्रैक्टर से कुचलकर मार डालने की घटना पर संज्ञान लेते हुए कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की है। आरबीआई ने कंपनी की ओर से आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए रिकवरी और रिपॉजेशन की किसी भी तरह की गतिविधि पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट, 1934 की धारा 45 एल (1)(बी) के तहत महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया गया है।

गौरतलब है कि हजारीबाग जिले के इचाक में महिंद्रा फाइनेंस के रिकवरी एजेंटों ने एक दिव्यांग किसान मिथिलेश मेहता की युवा गर्भवती पुत्री मोनिका मेहता को बीते 16 सितंबर को ट्रैक्टर से कुचल डाला था। गंभीर रूप से जख्मी मोनिका की मौत इलाज के लिए रांची ले जाने के दौरान हो गई थी। इस घटना के विरोध में हजारीबाग शहर स्थित महिंद्रा फाइनेंस के ऑफिस के सामने स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। इस मामले में चार रिकवरी एजेंटों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी।

महिंद्रा फाइनेंस से कर्ज लेकर खरीदा था ट्रैक्टर

इचाक के सिजुआ गांव निवासी दिव्यांग किसान मिथिलेश मेहता के मुताबिक उन्होंने महिंद्रा फाइनेंस से कर्ज लेकर सितंबर 2018 में एक ट्रैक्टर खरीदा था। वह कर्ज की रकम के 12 लाख रुपये अदा कर चुके थे। कोविड के दौरान पैदा हुई परेशानियों के चलते वह कर्ज की 6 EMI नहीं चुका पाए थे। कंपनी की ओर से मिले नोटिस के अनुसार उन्हें ब्याज सहित 1 लाख 30 हजार रुपये जमा करने थे। बीते 13 सितंबर को वह 1 लाख 20 हजार रुपये लेकर कंपनी के हजारीबाग स्थित ऑफिस गए थे, लेकिन उनसे कहा गया कि अब एकमुश्त एक लाख 30 हजार रुपये जमा कर लिए जाएंगे अन्यथा ट्रैक्टर को जब्त कर लिया जाएगा।

इसके बाद मिथिलेश घर लौटकर और पैसे जुटाने की तैयारी में जुटे थे कि 15 सितंबर को कंपनी के रिकवरी एजेंट सिजुआ स्थित एक पेट्रोल पंप पर खड़े उनके ट्रैक्टर को खींचकर ले जाने लगे। इसकी जानकारी मिलने पर मिथिलेश अपनी विवाहिता पुत्री मोनिका के साथ वहां पहुंचे तो उन्होंने रास्ते में ट्रैक्टर ले जा रहे लोगों को रोककर उनसे बातचीत की।

तीन महीने की गर्भवती थी मोनिका
मिथिलेश मेहता ने तत्काल रुपये जमा करने की बात कही, लेकिन वे लोग ट्रैक्टर ले जाने पर अड़े रहे। इसपर खुद को कंपनी का जोनल मैनेजर बताने वाले एक शख्स से मोनिका ने जब उनका आईडी मांगा तो वह गुस्से में आग बबूला हो गया और उसने ट्रैक्टर ड्राइवर को उसे रौंदते हुए गाड़ी बढ़ाने को कहा। ड्राइवर ने ऐसा ही किया। मिथिलेश मेहता के अनुसार उनकी पुत्री तीन महीने की गर्भवती थी। मोनिका के पति कुलदीप असम में गाड़ी चलाते हैं। हजारीबाग पुलिस के मुताबिक रिकवरी एजेंटों ने ट्रैक्टर जब्त करने के पहले कोई सूचना नहीं दी थी।

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