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कर्नाटक में परीक्षा के दौरान जनेऊ और कलावा उतरवाने के मामले में बड़ा एक्शन, एग्जाम अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज

 Edited By: Niraj Kumar
 Published : Apr 19, 2025 08:33 am IST,  Updated : Apr 19, 2025 08:33 am IST

कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. एमसी सुधाकर ने कहा, "यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह केवल शिवमोग्गा में ही नहीं बल्कि बीदर में भी हुआ। दो केंद्रों को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर प्रक्रिया सुचारू रूप से चली।'

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पुलिस अधिकारियों से बात करते हुए आक्रोशित लोग Image Source : INDIA TV

शिवमोगा:  कर्नाटक के शिवमोगा जिले में CET परीक्षा के दौरान छात्रों से जनेऊ और रक्षा सूत्र (कलावा) उतरवाने के मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए एग्जाम अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। शिवमोगा जिले के शरावतिनगर में आदिचुंचनगिरी स्कूल में सीईटी परीक्षा के दौरान यह घटना सामने आई थी। कर्नाटक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) में शामिल होने वाले छात्रों से कथित तौर पर उनके जनेऊ और  रक्षा सूत्र (कलावा) उतारने के लिए कहा गया था। 

बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज

पुलिस के मुताबिक नटराज भगवत नामक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर बीएनएस, 2023 की धारा 115(2), 299, 351(1) और 352 के साथ धारा 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन परिस्थितियों में छात्रों को कथित तौर पर धार्मिक प्रतीकों को उतारने के निर्देश दिए गए थे।

वहीं इस घटना पर कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. एमसी सुधाकर का रिएक्शन भी सामने आया है। उन्होंने इसे "बहुत दुर्भाग्यपूर्ण" बताया और पुष्टि की कि बीदर के एक परीक्षा केंद्र से भी ऐसी शिकायतें मिली हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य भर के अधिकांश अन्य केंद्रों पर परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से चली।

बीदर में भी हुई ऐसी घटना

उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा, "यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह केवल शिवमोग्गा में ही नहीं बल्कि बीदर में भी हुआ। दो केंद्रों को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर प्रक्रिया सुचारू रूप से चली। किसी भी गैजेट की जांच या तलाशी के लिए जिम्मेदार लोगों या यहां तक ​​कि जो भी प्रोटोकॉल का पालन किया गया था, उन्हें कभी भी ऐसी वस्तुओं की जांच या हटाने का निर्देश नहीं दिया गया था।" 

उन्होंने कहा, "परीक्षा के दौरान इन चीजों को हटाने का उल्लेख नहीं किया गया था। हम सभी धर्मों, उनकी आस्था और उनके कार्यों का सम्मान करते हैं। हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते और हम कार्रवाई करने जा रहे हैं।

दरअसल, CET की परीक्षा देने पहुंचे तीन छात्रों को इसीलिए रोक लिया गया क्योंकि उन्होंने जनेऊ और हाथों में रक्षा सूत्र (कलावा) पहना हुआ था। गेट पर मौजूद गार्ड ने 2 लड़कों ने जनेऊ और रक्षा सूत्र (कलावा) खुलवा दिया, जबकि एक छात्र जनेऊ न खोलने पर अड़ गया। जिसके चलते उस 15 मिनट तक गेट पर ही रोक लिया गया। इसके बाद उसके हाथों में बंधे रक्षा सूत्र को उतरवा लिया गया, लेकिन जनेऊ के साथ उसे परीक्षा देने को दी गई। 

15 मिनट तक गेट के बाहर बैठाया गया

पीड़ित छात्र अभिज्ञान के मामा ने कहा, 'मेरा भांजा CET के लिए आदि चुनचुनगिरी पीयू कॉलेज गया था। वहां गार्ड ने टी शर्ट के अंदर पहने जनेऊ और हाथों में पहने कलावा को उतारने को कहा। भांजे ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया। भांजे ने कहा कि कि वो भले ही परीक्षा न दे लेकिन जनेऊ नहीं उतारेगा। इसके बाद 15 मिनट तक उसे बाहर बैठाया गया।' पीड़ित छात्र के मामा ने बताया कि बाद में उसे जनेऊ के साथ परीक्षा देने की अनुमति दी गई लेकिन उसके हाथों से कलावा निकालकर उसे डस्टबिन में डाल दिया गया। 

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया। संस्थान के गेट पर ब्राह्मण संगठन के लोग पहुंच गए और गार्ड से सवाल जवाब करने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस भी वहां पहुंच गई और विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को किसी तरह समझा बुझाकर वहां से भेज दिया गया।

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