1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. केदारनाथ के गर्भगृह की दीवारों पर चढ़ रही सोने की परत, पुजारियों ने क्यों किया विरोध?

केदारनाथ के गर्भगृह की दीवारों पर चढ़ रही सोने की परत, पुजारियों ने क्यों किया विरोध?

 Edited By: Swayam Prakash
 Published : Sep 17, 2022 04:58 pm IST,  Updated : Sep 17, 2022 04:58 pm IST

केदारनाथ के पुजारियों के एक वर्ग ने मंदिर के गर्भगृह के अंदर दीवारों पर सोने की परत चढ़ाने का विरोध करते हुए कहा है कि यह इसकी सदियों पुरानी परंपराओं के साथ छेड़छाड़ है।

Kedarnath Temple in Uttarakhand- India TV Hindi
Kedarnath Temple in Uttarakhand Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • गर्भगृह के अंदर दीवारों पर चढ़ रही सोने की परत
  • केदारनाथ के पुजारियों के एक वर्ग ने जताई नाराजगी
  • महाराष्ट्र के एक शिव भक्त ने स्वेच्छा से दिया सोना

केदारनाथ के पुजारियों के एक वर्ग ने मंदिर के गर्भगृह के अंदर दीवारों पर सोने की परत चढ़ाने का विरोध करते हुए कहा है कि यह इसकी सदियों पुरानी परंपराओं के साथ छेड़छाड़ है। तीर्थ पुरोहितों ने सोना चढ़ाने का विरोध करते हुए कहा है कि इस प्रक्रिया में बड़ी ड्रिलिंग मशीन के इस्तेमाल से मंदिर की दीवारों को नुकसान हो रहा है। प्रसिद्ध मंदिर की दीवारों को चांदी की परत से ढका गया था, जिन्हें हटाकर उनकी जगह सोने की परत चढाई जा रही है। 

ड्रिलिंग से मंदिर की दीवारों को नुकसान

मंदिर की दीवारों पर सोने की परत चढ़ाने की प्रक्रिया तब शुरू की गई, जब महाराष्ट्र के एक शिव भक्त ने स्वेच्छा से इस उद्देश्य के लिए सोना देने की पेशकश की थी और उनके प्रस्ताव को बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने राज्य सरकार की अनुमति से स्वीकार कर लिया था। केदारनाथ में संतोष त्रिवेदी नाम के पुजारी ने कहा, ‘‘सोने की परत चढ़ाने से मंदिर की दीवारों को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके लिए बड़ी ड्रिलिंग मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। हम मंदिर की सदियों पुरानी परंपराओं के साथ इस छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं कर सकते।’’ 

पुजारियों का एक वर्ग इस मुद्दे पर बंटा
हालांकि, पुजारी इस मुद्दे पर बंटे हुए हैं, क्योंकि कुछ वरिष्ठ पुजारी मंदिर के गर्भगृह के अंदर वर्तमान में जारी जीर्णोद्धार कार्य के पक्ष में हैं। मंदिर के वरिष्ठ पुजारी श्रीनिवास पोस्ती और केदार सभा के पूर्व अध्यक्ष महेश बगवाड़ी ने कहा कि मंदिर सनातन आस्था का एक प्रमुख केंद्र है और इसकी दीवारों पर सोना चढ़ाना हिंदू मान्यताओं और परंपराओं के अनुरूप है। बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि मंदिर की दीवारों पर सोने की परत चढ़ाने का विरोध जायज नहीं है, क्योंकि यह मूल ढांचे से छेड़छाड़ किए बिना परंपराओं के अनुसार किया जा रहा है। 

"पूरे देश में हिंदू मंदिर भव्यता के प्रतीक"
अजेंद्र अजय ने कहा, ‘‘समय-समय पर मंदिर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण एक सामान्य प्रथा है। कुछ गिने चुने पुजारी इसका विरोध कर सकते हैं, लेकिन उनके प्रतिनिधि निकायों ने कभी इसका विरोध नहीं किया। दशकों पहले मंदिर की छत घास और लकड़ियों से बनाई जाती थी। जैसे-जैसे समय बदलता गया पत्थरों से और फिर तांबे की चादरों से इसका निर्माण हुआ।’’ बीकेटीसी अध्यक्ष ने विरोध को ‘‘विपक्षी दुष्प्रचार’’ का हिस्सा करार दिया। अजय ने कहा, ‘‘पूरे देश में हिंदू मंदिर भव्यता के प्रतीक हैं। हिंदू देवी-देवताओं को सोने और आभूषण से सजाना हमारी परंपराओं का हिस्सा रहा है। मुझे मंदिर की दीवारों पर सोने की परत चढ़ाने में कुछ भी गलत नहीं दिखता।’’ उन्होंने कहा कि मंदिर की दीवारों पर सोना चढ़ाने से पहले बीकेटीसी ने राज्य सरकार से भी अनुमति ली थी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत