अभी पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले खालिस्तानी एक बार फिर से एक्टिव हो गए हैं। कई साल बाद आंतकी संगठन खालिस्तान नेशनल आर्मी एक्टिव हो गई है और ISI के साथ मिलकर पंजाब चुनाव से पहले गड़बड़ फैलाने की साजिश में लगी हुई है। बता दें कि पंजाब के साथ दिल्ली, गुजरात और हरियाणा समेत कई राज्य भी खालिस्तानियों के निशाने पर हैं मगर भारत की सुरक्षा एजेंसी पूरी तरह से अलर्ट पर है और ISI की पूरी साजिश को डिकोड कर लिया है।
कम उम्र के लोगों को आर्मी तैयार कर रहे हैं
सुरक्षा एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक ये लोग भारत के कम उम्र के लड़कों की एक ऐसी आर्मी तैयार कर रहे है जिनको सुरक्षा एजेंसियों ने फुट सोल्जर का नाम दिया है। ये 17 से 25 साल उम्र के ऐसे लड़के है जिनमें से ज्यादातर लोगों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होता है। कई साल बाद आतंकी संगठन ख़ालिस्तान नेशनल आर्मी एक्टिव होकर इसी काम में लगी हुई है। बता दें कि हाल ही में इस संगठन द्वारा अलग-अलग राज्यों को भेजे गए तीन ईमेल्स ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है।
ईमेल के जरिए दी गई कई धमकियां
आपको बता दें कि 4 जून को हरियाणा के पंचकुला में बने सचिवालय के मेयर समेत पंजाब को एक ईमेल आया था। उस मेल में 4 जून को पंजाब सचिवालय में दोपहर 1 बजकर 11 मिनट से 3 बजकर 11 मिनट के बीच बम धमाके की चेतावनी दी गई थी। इसके साथ ही कई धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। उस ई-मेल में अमृतसर के दुर्गियाना मंदिर, पठानकोट के मुक्तेश्वर मंदिर, जालंधर के देवी तालाब मंदिर, बठिंडा के मैसर मंदिर और पटियाला के काली देवी मंदिर का नाम भी लिया गया है।
धमकी भरे उस ईमेल में दावा किया गया था कि हिंदू मंदिर निशाने पर हैं। मेल में लिखा था, 'दिल्ली और हरियाणा के लोगों, तुमने 6 जून, 1984 को भिंडरांवाले की मौत पर मिठाइयां बांटी थी। अब हम इसका बदला तुम्हारे मंदिरों में ब्लास्ट करके लेंगे। इसलिए अपने बच्चों को बचाओ और 5-6 जून को कोई सफर न करो।'
महाराष्ट्र और गुजरात में भी भेजा गया था मेल
पंजाब के अलावा 10 जून को खालिस्तानी संगठन के नाम पर महाराष्ट्र में भी उस समय हड़कंप मच गया जब पुणे नगर निगम के मेयर कार्यालय, मुंबई स्थित विधान भवन और नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला एक ई-मेल मिला था। यह धमकी भी कथित तौर पर खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजी गई थी। इसके अलावा 12 जून को खालिस्तान नेशनल आर्मी ने ईमेल के रिए इसी तरह की धमकी गुजरात CMO को भी भेजी थी।
सुरक्षा एजेंसियों ने ईमेल को हल्के में नहीं लिया
खालिस्तान नेशनल आर्मी की तरफ से भेजे गए इन ईमेल्स को सुरक्षा एजेंसियों ने बिल्कुल भी हल्के में नहीं लिया क्योंकि एजेंसियों का मानना है कि कुछ कट्टरपंथी संगठन जानबूझकर कई झूठी धमकी भरे मेल करते है और जैसे ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसी थोड़ी लापरवाह हो जाती है, ये लोग अपने नापाक मंसूबों को हकीकत में बदलने में देर नहीं लगाते हैं।
इन सभी मेल्स की पूरी तरह से जांच की गई जिसके बाद इन्हें हॉक्स करार दे दिया गया मगर उन मेल में जैसी बातें लिखी थी, उन्हें देखने के बाद पूरे देश की एन्टी टेरर यूनिट की एक मीटिंग हुई। उस मीटिंग में सभी इस बात पर सहमत हुए कि आने वाले समय में भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा फुट सोल्जर की आर्मी हो सकती है जिन्हें सोशल मीडिया के जरिए तैयार किया जा रहा है। इस आर्मी को पाकिस्तानी ISI ने शहज़ाद भट्टी के साथ मिलकर तैयार किया है।
ऑपरेशन बाउंड डाउन चलाया गया
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूरे देस में ऐसे फुट सोल्जर्स की संख्या करीब 1500 तक पहुंच गई थी। इसके बाद खुफिया एजेंसी ने NIA, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, यूपी ATS, महाराष्ट्र ATS, गुजरात ATS, हरियाणा STF, राजस्थान ATS समेत देश भर की एन्टी टेरर यूनिट के साथ एक बैठक की और उस बैठक के बाद कई राज्यो में एक साथ 'ऑपेरशन बाउंड डाउन' चलाया। इस ऑपरेशन के तहत अलग-अलग राज्यों से 1000 से ज्यादा लड़कों को पकड़ा गया और उनकी देश विरोधी गतिविधियों के बारे में उसके परिवार को बताया गया और एक अंडरटेकिंग लेकर छोड़ दिया गया।
NIA की जांच में क्या आया?
आपको बता दें कि देश की सुरक्षा एजेंसियां इन फुट सोल्जर्स के नेटवर्क को गैंगस्टर-टेरेरिस्ट नेक्सस से जोड़कर देख रही है। NIA ने इसकी जांच की और उस जांच में यह पाया कि खालिस्तानी आतंकी और गैंगस्टर मिलकर पंजाब-हरियाणा समेत दिल्ली में भारी तबाही मचाने की योजना पर काम कर रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक टेरेरिस्ट-गैंगस्टर नेक्सस के निशाने पर पुलिस वालों की टारगेट किलिंग तो थी ही मगर उसके अलावा कई हिन्दू मंदिर भी हैं जिसमें अयोध्या का राम मंदिर, दिल्ली का अक्षरधाम और कालकाजी मंदिर, लोटस टेंपल भी हैं। इसके साथ ही नागपुर और दिल्ली का RSS दफ्तर भी निशाने पर है। सूत्रों के मुताबिक आतंकियों के इस निशाने पर पावर हाउस, रेलवे स्टेशन समेत कई महत्वपूर्ण बिल्डिंग भी हैं।
देश की एजेंसियों को यह शक है कि जिस तरह पंजाब में पुलिस वालों की हत्या और थानों पर हैंडग्रेनेड से हमले किए जा रहे हैं, उनका सीधा संबंध खालिस्तानी आतंकियों से है।
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