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India-Nepal Relation: भारत की धरती पर नेपाल के रास्ते आते हैं पाकिस्तानी और चीनी, जल्द से जल्द लगाए रोक

 Published : Sep 30, 2022 08:52 pm IST,  Updated : Oct 03, 2022 10:32 pm IST

India-Nepal Relation: सीमा सुरक्षा, प्रबंधन और समन्वय पर 6वीं नेपाल-भारत बैठक के दौरान भारत के सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने नेपाल से अनुरोध किया है कि वह नेपाल-भारत सीमा केंद्रों के जरिए भारत में पाकिस्तानी और चीनी नागरिकों के प्रवेश पर रोके लगाए।

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India-Nepal Relation Image Source : AP

Highlights

  • कुछ महीने पहले भट्टामोद इलाके से घुसे एक पाकिस्तानी को गिरफ्तार किया
  • 530 से अधिक स्थानों पर एसएसबी इकाइयां तैनात की हैं
  • नेपाल-भारत सीमा पर एपीएफ की 220 बीओपी हैं

India-Nepal Relation: सीमा सुरक्षा, प्रबंधन और समन्वय पर 6वीं नेपाल-भारत बैठक के दौरान भारत के सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने नेपाल से अनुरोध किया है कि वह नेपाल-भारत सीमा केंद्रों के जरिए भारत में पाकिस्तानी और चीनी नागरिकों के प्रवेश पर रोके लगाए। नेपाल की पांच दिवसीय यात्रा पर आए एसएसबी के महानिदेशक सुजॉय लाल थाओसेन ने नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (APF) के महानिरीक्षक राजू आर्यल से मुलाकात के दौरान यह अनुरोध किया। आपको बता दें कि ये बैठक मंगलवार को शुरू हुई और गुरुवार शाम काठमांडू में खत्म हुई थी। 

तीसरे नागरिक नहीं करे प्रवेश 

इस बैठक में भाग लेने वाले एपीएफ के उच्च पदस्थ अधिकारियों का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान और चीन के नागरिक नेपाल-भारत सीमा क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों में लिप्त होने के बाद भारत में प्रवेश कर रहे हैं। एसएसबी के महानिदेशक थाओसेन ने बैठक में कहा कि उन्हें भारत में प्रवेश करने से रोकने के लिए पुलिस बल को भूमिका निभानी चाहिए। हालांकि एपीएफ ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्ष सीमा सुरक्षा, सहयोग और सीमा पार आपराधिक गतिविधियां न होने देने पर सहमत हुए हैं। दोनों देशों के बीच प्रासंगिक जानकारी और संचार शेयर करने पर सहमती बनी। बैठक में थाओसेन ने कहा कि नेपाल को भारत में तीसरे देश के नागरिकों के प्रवेश और उनकी अवैध गतिविधियों को रोकना चाहिए।

नेपाल की धरती पर नहीं हैं भारत विरोधी 
इसके जवाब में एपीएफ के महानिरीक्षक आर्यल ने कहा कि नेपाल की धरती पर कोई भारत विरोधी गतिविधि नहीं है और तीसरे देशों के लोग नेपाल-भारत सीमा से भारत में प्रवेश नहीं कर पाए हैं। एपीएफ के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने कहा, लेकिन भारतीय पक्ष नेपाल के आश्वासन से सहमत नहीं था और कहा कि तीसरे देशों के नागरिकों को नेपाल से भारत में प्रवेश करते देखा गया था इसलिए उन्होंने जोर देकर कहा कि इसे रोका जाना चाहिए।

हाल ही में एक पाकिस्तानी गिरफ्तार 
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पक्ष ने शिकायत की कि चीन और पाकिस्तान के नागरिक अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए नेपाल-भारत सीमा के माध्यम से भारत में प्रवेश करते हैं। बैठक में मौजूद एक सूत्र ने बताया, भारतीय सुरक्षाकर्मियों ने कुछ महीने पहले भट्टामोद इलाके से घुसे एक पाकिस्तानी को गिरफ्तार किया है। बैठक में भारतीय पक्ष ने इसे उदाहरण के तौर पर पेश किया।

अवैध हथियारों की तस्करी जारी 
नेपाल के सुरक्षा अधिकारियों ने भारत की ओर से नेपाल में अवैध हथियारों और नशीली दवाओं के व्यापार को नियंत्रित करने का प्रस्ताव रखा। महानिरीक्षक आर्यल ने भारत से नेपाल में लाए जाने वाले नशीले पदार्थों, पूर्व में एपीएफ द्वारा जब्त किए गए भारत से लाए गए छोटे हथियार, भारत में अपराध करने के बाद नेपाल में छिपे अपराधियों और सीमावर्ती क्षेत्रों में नेपाली लोगों को लूटने के मुद्दे पर भी चर्चा की।

सीमा पर कई एसएसबी की इकाइयां मौजूद 
पूर्व निर्धारित एजेंडे के तहत अंतरराष्ट्रीय सीमा के दोनों ओर हेल्प डेस्क स्थापित करने और सुरक्षित आवाजाही की व्यवस्था करने का समझौता किया गया है। इस बैठक के तुरंत बाद, एपीएफ मुख्यालय ने भारत के साथ सीमा पर स्थापित सीमा चौकियों (बीओपी) को एक परिपत्र जारी किया और उन्हें हेल्प डेस्क संचालित करने का निर्देश दिया। नेपाल-भारत सीमा पर एपीएफ की 220 बीओपी हैं। भारत ने नेपाल-भारत सीमा पर 530 से अधिक स्थानों पर एसएसबी इकाइयां तैनात की हैं।

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