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असम सीएम की पत्नी से जुड़ा मामला: गुवाहाटी HC ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका तो पवन खेड़ा ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

 Reported By: Atul Bhatia Edited By: Rituraj Tripathi
 Published : Apr 26, 2026 10:11 pm IST,  Updated : Apr 26, 2026 10:11 pm IST

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। गुवाहाटी HC से याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

Pawan Khera- India TV Hindi
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा Image Source : PTI/FILE

नई दिल्ली: असम सीएम की पत्नी से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका गुवाहाटी HC ने खारिज कर दी थी। ऐसे में अब पवन खेड़ा ने राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

मामला क्या है?

असम पुलिस ने खेड़ा के उन आरोपों के संबंध में मामला दर्ज किया था, जिनमें कहा गया था कि सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा के पास कई पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं।

दरअसल शुक्रवार को गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान सरमा की शिकायत पर पवन खेड़ा के खिलाफ दर्ज मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति पार्थिवज्योति सैकिया ने पारित किया, जिन्होंने मंगलवार को दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

उनकी याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि यह मामला जाली दस्तावेजों को रखने से संबंधित गंभीर आरोपों से जुड़ा है और यह भी कहा कि कांग्रेस नेता जांच से बचने की कोशिश कर रहे होंगे, इसलिए सच्चाई का पता लगाने के लिए हिरासत में पूछताछ करना आवश्यक है।

खेड़ा के आरोप क्या हैं?

खेड़ा ने आरोप लगाया था कि हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास कई पासपोर्ट हैं और वह कई देशों में कारोबार करती हैं। उनके आरोपों पर भाजपा की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया हुई और असम पुलिस ने हिमंता बिस्वा सरमा की शिकायत पर 6 अप्रैल को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया।

खेड़ा ने हैदराबाद स्थित अपने आवासीय पते का हवाला देते हुए तेलंगाना उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उन्होंने तर्क दिया कि उनके खिलाफ एफआईआर राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उच्च न्यायालय ने 10 अप्रैल को खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी, लेकिन बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर रोक लगा दी और उन्हें असम की अदालत में याचिका दायर करने को कहा।

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