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Rajat Sharma's Blog: मोहन भागवत ने Gen Z की तारीफ क्यों की?

 Written By: Rajat Sharma
 Published : Aug 07, 2026 06:43 pm IST,  Updated : Aug 07, 2026 06:43 pm IST

RSS प्रमुख ने दो-टूक कहा कि जंतर-मंतर पर Gen Z के प्रोटेस्ट को राष्ट्रविरोधी या विदेशी फंड से कराया गया आंदोलन कहना गलत है, वह इस तरह के आरोप लगाने वालों से सहमत नहीं है। भागवत ने कहा कि उन्हें लगता है कि Gen Z पुरानी पीढ़ी से ज़्यादा ईमानदार और देशभक्त हैं, केवल उनका तरीका पुरानी पीढ़ी से थोड़ा अलग है।

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इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा। Image Source : INDIA TV

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि हमारे नौजवान, हमारी नई Gen Z पीढ़ी पुरानी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त है। मोहन भागवत ने कहा कि नौजवानों को आंदोलन करने का पूरा हक़ है क्योंकि आंदोलन भी संवाद शुरू करने का एक तरीका है, अगर पहले संवाद कर लिया जाए, तो आंदोलन की नौबत नहीं आएगी। मोहन भागवत नई पीढ़ी के दो हजार से ज्यादा युवाओं के साथ संवाद कर रहे थे, उनके सवालों के जवाब दे रहे थे।

RSS प्रमुख ने दो-टूक कहा कि जंतर-मंतर पर Gen Z के प्रोटेस्ट को राष्ट्रविरोधी या विदेशी फंड से कराया गया आंदोलन कहना गलत है, वह इस तरह के आरोप लगाने वालों से सहमत नहीं है। भागवत ने कहा कि उन्हें लगता है कि Gen Z पुरानी पीढ़ी से ज़्यादा ईमानदार और देशभक्त हैं, केवल उनका तरीका पुरानी पीढ़ी से थोड़ा अलग है। भागवत ने कहा कि जो पीढ़ी देश का भविष्य है, उस पर संदेह करना सही नहीं होगा। सरसंघचालक ने माना कि देश की शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी है और जब तक इस सच को स्वीकर नहीं किया जाएगा, तब तक इसे ठीक करना संभव नहीं है।

जंतर मंतर में छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल के सवाल पर भागवत ने कहा कि उन्हें इस मामले में पूरी जानकारी नहीं है लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि अगर उनके सामने कोई एक बात चुनने का विकल्प होगा तो वो Gen Z की बात पर आंख मूंदकर भरोसा करेंगे। आरक्षण के सवाल पर आरएसएस चीफ ने कहा कि जब तक देश में सामाजिक भेदभाव है, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए, लेकिन जिन लोगों को आरक्षण का फायदा मिल चुका है, जिनकी सामाजिक स्थिति में सुधार आया है, अगर वो बड़ा दिल दिखाएं, खुद को आरक्षण कैटेगरी से अलग करें तो इसका अच्छा संदेश जाएगा।

मोहन भागवत ने Gen Z की नीयत पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दिया। अंदोलन करने वाले युवाओं को राष्ट्रविरोधी कहने वालों के मुंह बंद कर दिए। मोहन भागवत ने मुख्यत: तीन बातें कहीं। एक, शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ है और उसके खिलाफ आवाज़ उठाने वालों ने कुछ गलत नहीं किया। दूसरा, नई पीढ़ी स्मार्ट है, देशभक्त है, उसे foreign funded कह कर बदनाम करना गलत है। तीसरी बात ये कि वह छात्रों की बात पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं।

मैं मोहन भागवत की प्रशंसा करूंगा कि उन्होंने बिना अगर-मगर किए, बिना if या but के, स्पष्ट बात की, Gen Z का समर्थन  किया। आज के ज़माने में इतना खुलकर बोलना बड़ी हिम्मत का काम है लेकिन मोहन भागवत का ये स्वभाव है कि वह बिना किसी की परवाह किए अपनी बात साफ-साफ कहते हैं, इसलिए उनका ये संदेश दूर तलक जाएगा।

AI, Deepfake पर अब चलेगा सरकार का चाबुक

अब अगर कोई सोशल मीडिया पर गैरकानूनन, AI-generated या डीफफेक कंटेंट पोस्ट करेगा तो इसकी शिकायत मिलने के तीन घंटे के भीतर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस कंटेंट को हटाना पड़ेगा। अश्लील और child abuse से जुड़े मामले में दो घंटे के अंदर एक्शन लेना होगा। सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों के कंटेंट से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया। सरकार ने AI और डीपफेक को लेकर जो कड़े नियम बनाए हैं, उनके मुताबिक, जेनरेटेड  कंटेंट की Clear Labeling और ट्रेसेबल मेटाडेटा को जरूरी कर दिया गया है।

पहले कोर्ट या सरकार के आदेश पर सोशल मीडिया कंपनियों को गैरकानूनी कंटेंट 36 घंटे में हटाना होता था, लेकिन अब ये मियाद कम करके सिर्फ तीन घंटे कर दी गई है। Grievance redressal की समय सीमा भी घटाई गई है। अब child abuse और नग्नता जैसे संवेदनशील मामलों में कंटेंट को 24 घंटे के बजाए 2 घंटे में हटाना होगा। डीपफेक और इल्लीगल AI कंटेंट की पहचान और रोकथाम के लिए ऑटोमेटेड टैक्नोलॉजी अपनानी होगी। जो कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

Deepfake videos और AI content को लेकर सख्त नियम बनाना जरूरी था। सरकार ने जो किया वो ऐतिहासिक है। आम लोगों के लिए AI generated content और असली content में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। मैं खुद इसका शिकार रहा हूं। AI content से कभी दवाइयों के प्रचार के वीडियो बना दिए जाते हैं तो कभी लोगों को फर्जी investment के लिए लालच दिया जाता है। बहुत सारे ऐसे केस मिले हैं जहां बच्चों को गुमराह किया जाता है, कहीं बुजुर्गों को ठगा जाता है, कई cases में AI generated content से झूठ फैलाकर भावनाओं को भड़काया जाता है। अब तक तो ये होता था कि जबतक इस कंटेंट को हटाया जाता, हजारों लोग इसे देख चुके होते थे, प्रभावित हो चुके होते थे। अब DeepFake और फर्जी AI content को तीन घंटे में हटाना अनिवार्य होगा। यह एक स्वागतयोग्य कदम है।

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 06 अगस्त, 2026 का पूरा एपिसोड

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