1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. लाल किला ब्लास्ट केस में हुए कई बड़े खुलासे, धमाके की जगह से इकट्ठा किए गए 40 से ज्यादा सैंपल

लाल किला ब्लास्ट केस में हुए कई बड़े खुलासे, धमाके की जगह से इकट्ठा किए गए 40 से ज्यादा सैंपल

 Published : Nov 12, 2025 08:41 am IST,  Updated : Nov 12, 2025 08:46 am IST

दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। FSL टीम ने 40 से ज्यादा सैंपल जुटाए हैं, जिनमें दो कारतूस और दो तरह के विस्फोटक शामिल हैं। धमाके में 12 लोगों की मौत हुई थी।

Delhi blast, Delhi Red Fort blast, Red Fort blast, Lal Qila explosion- India TV Hindi
लाल किले के पास धमाके की जगह की जांच करते फॉरेंसिक एक्सपर्ट। Image Source : PTI

नई दिल्ली: लाल किले के पास सोमवार को हुए धमाके की जगह से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी कि FSL की टीम ने 40 से ज्यादा सैंपल इकट्ठे किए हैं। अधिकारियों द्वारा बुधवार को दी गई जानकारी के मुताबिक, FSL की टीम ने ब्लास्ट की जगह से 2 कारतूस, जिनमें एक जिंदा कारतूस भी शामिल है, और दो अलग-अलग तरह के विस्फोटकों के नमूने सहित 40 से ज्यादा सैंपल इकट्ठे किए हैं। शुरुआती जांच से पता चला है कि एक विस्फोटक का नमूना अमोनियम नाइट्रेट का लगता है। बता दें कि सोमवार को ही फरीदाबाद में जांच के दौरान 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था। इस मामले में अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉ. मुजम्मिल गनी और डॉ. शाहीन सईद को गिरफ्तार किया गया था।

धमाकों में हुई थी 12 लोगों की मौत

अधिकारियों के मुताबिक, 'दूसरा विस्फोटक नमूना अमोनियम नाइट्रेट से ज्यादा ताकतवर मालूम पड़ता है। इसकी सही बनावट विस्तृत फॉरेंसिक जांच के बाद ही पता चलेगी।' फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम ने ब्लास्ट की जगह की जांच के दौरान कारतूस बरामद किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 40 से ज्यादा नमूने इकट्ठे हो चुके हैं। बता दें कि सोमवार को लाल किले के ट्रैफिक सिग्नल के पास धीमी गति से चल रही एक गाड़ी में जोरदार धमाका हुआ था, जिसमें 12 लोगों की जान चली गई। धमाके में इस्तेमाल विस्फोटकों की किस्म और तरीके का पता लगाने के लिए जांच जारी है। FSL ने नमूनों की जांच के लिए खास टीम बनाई है जिसे जल्दी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाके के बाद से लैब चौबीसों घंटे काम कर रही है।

डॉक्टर उमर ने पैनिक में किया ब्लास्ट

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद एक्टिवेट हुआ था। इस टेरर मॉड्यूल की दिल्ली में बड़े सीरियल ब्लास्ट की तैयारी थी। सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि धमाके में इस्तेमाल हुई हुंडई i20 कार में 80 किलो विस्फोटक भरा हुआ था, लेकिन इसमें कोई डेटोनेटर या टाइमर नहीं मिला। माना जा रहा है कि फरीदाबाद मॉड्यूल के अपने साथियों की गिरफ्तारी से घबरा कर डॉक्टर उमर ने पैनिक में ही ब्लास्ट कर लिया। सूत्रों के अनुसार, उमर अपने आकाओं के आदेश का इंतजार कर रहा था, लेकिन दबाव में आकर उसने खुद ही विस्फोट कर दिया। (एजेंसियों से इनपुट्स के साथ)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत