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CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को जेल भेजने पर अभिजीत दिपके का पहला रिएक्शन, जानिए क्या कहा?

 Written By: Niraj Kumar
 Published : Oct 14, 2026 09:25 am IST,  Updated : Oct 14, 2026 10:03 am IST

सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजे जाने पर अभिजीत दिपके का पहला रिएक्शन सामने आया है। इन दोनों को कल जंतर-मंतर पर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

Abhijeet deeepke- India TV Hindi
अभिजीत दिपके Image Source : PTI/REPORTER INPUT

नई दिल्ली: सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके का पहला रिएक्शन सामने आया है। अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि उनकी गलती क्या है? जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना..। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और ऑफिशियली इमरजेंसी घोषित करने की हिम्मत दिखाने की बात भी कही है। अभिजीत दिपके इन दिनो महाराष्ट्र में हैं। दादी के निधन के चलते उन्हें अपने गांव जाना पड़ा।

बाद में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अभिजीत दिपके ने इंडिया ब्लॉक से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा कि हम सबका मकसद एक है और हम ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लड़ रहे हैं, जो चुनावों में धांधली कर रहे हैं और नरेंद्र मोदी को पावर में बने रहने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी एक इंडिपेंडेंट प्रेशर ग्रुप है और यह हमेशा एक इंडिपेंडेंट प्रेशर ग्रुप रहेगा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम इंडिया ब्लॉक के खिलाफ हैं। हमारा और इंडिया ब्लॉक का आंदोलन एक कॉमन मकसद के लिए है।

जंतर-मंतर पर दोनों को पुलिस ने पकड़ा

आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को कल जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सीजेपी के दोनों नेता अपने कुछ समर्थकों के साथ जंतर-मंतर के निषेध क्षेत्र में जाकर नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया। जंतर-मंतर क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने के आरोप में उन्हें प्रिवेंटिव अरेस्ट किया गया। जिसके बाद आज सौरव दास और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने दोनों को पांच दिनों के लिए जेल भेज दिया है। सीजेपी के तीसरे नेता अजिंक्या शिंदे से 5 हज़ार का बेल बॉन्ड भरवाया गया है कि वे एक साल तक अशांति न फैलाएं।

दिल्ली में पिछले सप्ताह 10 अक्तूबर को दिल्ली में सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद आशुतोष रांका, सौरव दास और अभिजीत दिपके को एक वर्ष तक शांति बनाए रखने का बॉन्ड भरने के बाद रिहा कर दिया गया था। लेकिन रिहाई के बाद 13 अक्तूबर को ये लोग जंतर-मंतर क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश कर नारेबाजी करने लगे थे। जबकि जंतर-मंतर को हाल में प्रदर्शनों के लिए अधिसूचित स्थलों की सूची से हटा दिया गया है। अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है। सरकार की ओर से धरना-प्रदर्शन के लिए तीन अलग जगह निर्धारित किए गए हैं। 

एसआईआर और सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन

वहीं  वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ सीजेपी और अन्य संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा कारणों से दिल्ली के पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल घोषित किया था। इसके बाद जंतर-मंतर को निर्धारित धरना स्थलों की सूची से हटा दिया गया। सीजेपी ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदर्शनों को राष्ट्रीय राजधानी के राजनीतिक केंद्र से दूर ले जाने से लोगों के विरोध की आवाज कमजोर होगी। 

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