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11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न का आरोप, BJP की महिला नेताओं ने राष्ट्रपति से की कांग्रेस सांसद को हटाने की मांग

 Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Oct 13, 2026 10:56 pm IST,  Updated : Oct 13, 2026 11:05 pm IST

JNU में 11 छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में बीजेपी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को पद से हटाने की मांग की है। सांसद ने आरोपों को खारिज कर जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए और इसे राजनीतिक साजिश बताया।

JNU Sexual Harassment Case, Angomcha Bimol Akoijam, BJP Demands MP Removal- India TV Hindi
बीजेपी की महिला नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। Image Source : X.COM/BANSURISWARAJ

Highlights

  • JNU मामले में BJP महिला मोर्चा ने राष्ट्रपति से शिकायत कर कांग्रेस सांसद को बर्खास्त करने की मांग की।
  • बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाए और महिला नेताओं से कथित बदसलूकी का मुद्दा उठाया।
  • कांग्रेस सांसद अकोइजम ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और JNU प्रशासन की जांच प्रक्रिया को राजनीतिक साजिश कहा।

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 11 छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी की महिला नेताओं ने कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी महिला मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर सांसद के खिलाफ शिकायत की और उन्हें पद से हटाने की मांग की। वहीं, अकोइजम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने JNU प्रशासन की जांच प्रक्रिया और फैसले पर भी सवाल उठाए हैं।

राष्ट्रपति से मिलीं BJP की महिला नेता

बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष रुप कुमारी चौधरी के नेतृत्व में पार्टी की महिला नेता बस से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचीं। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को कांग्रेस सांसद अकोइजम के खिलाफ शिकायत सौंपी। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि सांसद पर 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप हैं और JNU की आंतरिक जांच में उन्हें दोषी पाया जा चुका है। इसी आधार पर प्रतिनिधिमंडल ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें सांसद पद से बर्खास्त करने की मांग की।

बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी से पूछे सवाल

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद ने 11 छात्राओं का यौन उत्पीड़न किया और मामले में सभी सबूत मौजूद हैं। इसके बावजूद राहुल गांधी इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं? बांसुरी स्वराज ने बीजेपी की महिला नेताओं के साथ कांग्रेस नेताओं की ओर से कथित बदसलूकी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी इस मामले पर कुछ क्यों नहीं बोल रही हैं।

अकोइजम बोले, 'मुझे झूठा फंसाया जा रहा है'

बीजेपी के आरोपों पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। हालांकि, कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने खुद सामने आकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। सांसद ने आरोप लगाया कि JNU प्रशासन ने बिना उचित नियमों का पालन किए उनके खिलाफ फैसला सुनाया है। उनके मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।

कांग्रेस सांसद ने फैसला सुनाने पर उठाए सवाल

अकोइजम ने जांच और कार्रवाई की समय-सीमा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर जांच बंद होने की जानकारी मिली। इसके करीब 20 मिनट बाद, लगभग एक बजे, वाइस चांसलर ने उन्हें बर्खास्त कर दिया। सांसद ने सवाल उठाया कि आधे घंटे से भी कम समय में जांच रिपोर्ट कैसे तैयार हो गई, वाइस चांसलर ने उसे पढ़ भी लिया और फैसला भी सुना दिया। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को हैरान करने वाला बताया।

JNU प्रशासन पर लगाए नियमों की अनदेखी के आरोप

कांग्रेस सांसद ने JNU प्रशासन की कार्रवाई की तुलना 'खाप पंचायत' से करते हुए कहा कि उनके खिलाफ फैसला इसी अंदाज में सुनाया गया। उनका आरोप है कि जांच के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया। अकोइजम ने दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में साबित नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि मामले में निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाने के बजाय जल्दबाजी में कार्रवाई की गई है।

मणिपुर का मुद्दा उठाने पर साजिश का आरोप

अकोइजम ने इस पूरे मामले को बीजेपी की साजिश करार दिया। उनका आरोप है कि वह मणिपुर के मुद्दों और वहां के लोगों की आवाज लगातार उठाते रहे हैं, इसलिए बीजेपी उन्हें चुप कराना चाहती है। इस तरह मामले में एक ओर बीजेपी सांसद के खिलाफ कार्रवाई और बर्खास्तगी की मांग कर रही है, तो दूसरी ओर अकोइजम जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं।

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