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'गिरफ्तारी करके मुझे अपमानित करने की जरूरत नहीं', पवन खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में रखी अपनी बात

 Reported By: Atul Bhatia Edited By: Kajal Kumari
 Published : Apr 30, 2026 12:50 pm IST,  Updated : Apr 30, 2026 02:10 pm IST

असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के खिलाफ दिए गए विवादास्पद बयानों को लेकर मुश्किल में फंसे पवन खेड़ा की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। दलीलों के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। जानें कोर्ट में क्या हुआ?

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा- India TV Hindi
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा Image Source : FILE PHOTO

असम के मुख्‍यमंत्री हिमंता बिस्‍वा सरमा की पत्‍नी रिंकी भुइयां सरमा पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने विवादास्पद बयान दिया था, जिसे लेकर मुकदमा दर्ज करा दिया गया और इसके बाद अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए पवन खेड़ा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर द‍िया। पवन खेड़ा ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और अपनी अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिसपर आज कोर्ट में सुनवाई हुई। पवन खेड़ा ने कोर्ट में अपनी बात रखी और कहा कि गिरफ्तारी कर मुझे अपमानित करने की कोई जरूरत नहीं है। पवन खेड़ा की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील रखी., जिसका जवाब सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने दिया।


सिंघवी ने दी दलील

अभिषेक मनु सिंघवी ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी की आवश्यकता पर गंभीर सवाल उठाए और कहा, उनका मुवक्किल देश से बाहर नहीं जा सकता है, क्‍योंकि पासपोर्ट आसानी से उपलब्‍ध नहीं होते हैं। खेड़ा के आवास पर 50 से 70 पुलिसवाले भेज दिए गए, जैसे वे किसी आतंकवादी की तलाश कर रहे हों। यह मामला अभूतपूर्व है।

एसजी तुषार मेहता ने कहा

कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल ने कहा कि बंटी बबली ग़ायब होने वाले हैं, यह बयान छवि धूमिल करने का है। इसके अलावा फर्जी दस्तावेज़ भी दिखाए गए, यह आपराधिक कृत्य है। ग़ैर ज़मानती धाराओं के तहत दर्ज मामले में गिरफ़्तारी होती है। यहां पर चुनावी कैंपेन के दौरान ऐसा बयान दिया गया जिसमें पासपोर्ट का ज़िक्र किया गया। फर्जी दस्तावेज का उल्लेख किया गया और उन पासपोर्ट को संबंधित देशों की ओर से जारी भी नहीं किया गया। ऐसी स्थितियों के मद्देनजर यह मुक़दमा दर्ज हुआ। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए एसजी ने कहा कि हिरासत में लेकर यह जानना जरूरी है कि फर्जी दस्तावेज किसने दिए। इसके पीछे मकसद क्या है?

एसजी ने कहा कि खेड़ा फ़रार हैं और वीडियो जारी कर कह रहे हैं कि वह एक राज्य की पुलिस से बचकर सुरक्षित स्थान पर हैं। सिंघवी ने कहा कि मैं एसजी की दलीलों पर जवाब के लिए कुछ समय चाहता हूं। कुछ फैसले हैं। कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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