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सुप्रीम कोर्ट के जजों ने उठाया बड़ा कदम, खुद करेंगे NTA हेडक्वार्टर का दौरा, सुधारों की निगरानी करेंगे

 Reported By: Atul Bhatia,  Written By: Subhash Kumar
 Published : Sep 18, 2026 02:01 pm IST,  Updated : Sep 18, 2026 02:11 pm IST

सुप्रीम कोर्ट ने NTA में सुधारों पर प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी है और कहा है कि हम आकर देखेंगे कि क्या सिस्टम असल में लागू है। बता दें कि नीट पेपर लीक पर हंगामे के बाद से ही NTA में सुधार की मांग हो रही है।

Supreme court NTA reforms- India TV Hindi
NTA में सुधारों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई। Image Source : PTI

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को NTA में सुधारों को लेकर सुनवाई हुई है। ये सुनवाई जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने की। कोर्ट ने NTA में सुधार को लेकर प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से नंदन नीलेकणि कमेटी के बारे में जानकारी मांगी है। इसमें कमेटी की सिफारिशें, रोडमैप और NTA में सुधारों को लागू करने की स्थिति शामिल है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के जजों ने बड़ा कदम उठाते हुए कहा कि वे खुद NTA हेडक्वार्टर का दौरा करेंगे और सुधार की निगरानी करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम NTA सिस्टम को संस्थागत बनाना चाहते हैं।

हम खुद आकर देखेंगे- सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस नरसिम्हा ने पूछा कि क्या प्रगति हुई है? इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि कमेटी ने व्यापक बातचीत की है और उम्मीद है कि वह इस महीने के आखिर तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA में सुधारों की निगरानी करते हुए कहा कि हम आकर देखेंगे कि क्या सिस्टम असल में लागू है, क्या यह काम कर रहा है या नहीं? और मैनपावर वगैरह जैसी सभी चीज़ों की जांच करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि कमेटी की सिफारिशों को सिर्फ रिपोर्ट तक सीमित न रखकर असल में लागू किया जाना चाहिए।

प्रगति पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने हाई-पावर्ड कमेटी के साथ तालमेल बिठाने वाले जॉइंट सेक्रेटरी को कमेटी की प्रगति पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने NTA को निर्देश दिया कि वह सुधारों और प्रगति का ब्योरा देने वाला अपना हलफनामा अपनी वेबसाइट पर डाले। सुनवाई के दौरान NTA के लिए स्थायी स्टाफ, खास तौर पर प्रशिक्षित कर्मचारी, इंफ्रास्ट्रक्चर, संस्थागत तालमेल और संभावित कानूनी समर्थन जैसे मुद्दों पर ध्यान दिलाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि लिखित परीक्षा से डिजिटल परीक्षा की ओर बदलाव चरणों में किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि वकील और राज्य अपने सुझाव एक तय ईमेल आईडी के जरिए भेज सकते हैं। नया हलफनामा दाखिल होने के बाद इस मामले पर फिर से सुनवाई होगी।

NTA में अब तक क्या-क्या हुआ?

नीट 2026 परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद से ही NTA को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। पेपर लीक के कारण नीट परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद से ही NTA में सुधारों को लेकर कोशिश लगातार जारी है। बता दें कि एनटीए ने परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के तहत अपने 50 से अधिक कर्मचारियों को हटा दिया था। इसके साथ ही एजेंसी में अनेक महत्वपूर्ण पदों पर पेशेवरों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर के नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी। हाल ही में एनटीए ने दो निदेशकों और एक संयुक्त निदेशक की नियुक्ति की है। IPS अधिकारी रवि कुमार सिंह और IAS अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी को एनटीए में निदेशक नियुक्त किया गया है। वहीं, भारतीय राजस्व सेवा (सीमाशुल्क एवं अप्रत्यक्ष कर) के अधिकारी अमित समदरिया को एनटीए में संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है।

 

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