1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से जुड़ी भ्रामक खबरों को सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे ने किया खारिज, बोले- सार्वजनिक है पूरा डेटा

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से जुड़ी भ्रामक खबरों को सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे ने किया खारिज, बोले- सार्वजनिक है पूरा डेटा

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Oct 18, 2026 09:52 pm IST,  Updated : Oct 18, 2026 09:52 pm IST

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से जुड़ी भ्रामक खबरों पर सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे ने स्थिति को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि छोटे उद्यमियों के निवेश पर सवाल उठाना उनके परिश्रम और रोजगार सृजन का अपमान है।

Uttarakhand Global Investor Summit- India TV Hindi
सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे। Image Source : REPORTERS INPUT

उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों और उठाए जा रहे सवालों पर सचिव उद्योग एवं सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पांडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में निवेश से संबंधित सभी आंकड़े सार्वजनिक हैं और प्रत्येक परियोजना का विवरण संबंधित सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि तथ्यों की पूरी जानकारी के बिना निवेश को लेकर भ्रामक धारणा बनाना उचित नहीं है। सरकार ने निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 1 लाख 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है।

सीएम धामी के विजन के अनुरूप तैयार की गईं औद्योगिक नीतियां

सचिव उद्योग ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं। राज्य का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है और भारी उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं मुख्यतः देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के कुछ हिस्सों में अधिक हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप राज्य की औद्योगिक नीतियां तैयार की गई हैं, जिनका उद्देश्य पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखते हुए अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना है।

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 3.56 लाख करोड़ के MoU पर हुए थे साइन

उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए समय-समय पर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की गईं। निवेशकों की सहायता के लिए निवेश मित्रों की व्यवस्था की गई, जिन्होंने निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा, सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सहयोग किया और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पोर्टल पर उपलब्ध हैं निवेश से संबंधित आंकड़े

विनय शंकर पांडे ने कहा कि निवेश से संबंधित आंकड़े उद्योग विभाग, यूके स्पाइस और सिंगल विंडो सिस्टम के पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इनमें परियोजनाओं, संबंधित विभागों और उनके स्थान सहित आवश्यक विवरण पारदर्शिता के साथ दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह विषय लगभग 8 महीने पहले भी सोशल मीडिया पर उठाया गया था, जिस पर तथ्यों के साथ जवाब दिया गया था। सरकार ने समय-समय पर सदन में भी निवेश की स्थिति स्पष्ट की है। ऐसे में उपलब्ध तथ्यों की अनदेखी कर सवाल उठाना उचित नहीं है।

सचिव उद्योग को स्थानीय निवेशकों पर की जा रही टिप्पणियों से ऐतराज

छोटे उद्यमों और स्थानीय निवेशकों पर की जा रही टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सचिव उद्योग ने कहा कि आटा चक्की, मोबाइल दुकान या अन्य छोटे व्यवसाय को निवेश की श्रेणी में शामिल करने पर सवाल उठाना सही दृष्टिकोण नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई स्थानीय व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई से 10 हजार रुपये का निवेश कर छोटा व्यवसाय शुरू करता है और उससे दो लोगों को रोजगार मिलता है, तो यह भी राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान है। निवेश का महत्व केवल उसकी राशि से नहीं, बल्कि उससे पैदा होने वाले रोजगार और स्थानीय आजीविका के अवसरों से भी तय होता है।

स्थानीय उद्यमियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट निर्देश है कि राज्य में बड़े से बड़े उद्यमी और छोटे से छोटे व्यवसायी, दोनों का समान सम्मान होना चाहिए। स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करना और उनके लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। छोटे कारोबारियों के प्रयासों पर कटाक्ष करना उनके परिश्रम और आत्मनिर्भर बनने की भावना का अपमान है।

छोटे उद्योगों और स्वरोजगार को बढ़ावा देना सरकार का उद्देश्य

विनय शंकर पांडे ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए विदेशों के साथ-साथ देश के प्रमुख महानगरों में रोड शो आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों सहित प्रदेश के सभी जनपदों में निवेश सम्मेलनों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को भी आमंत्रित किया गया। सरकार का उद्देश्य केवल बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देना है।

24 हजार करोड़ रुपये के निवेश की अगली ग्राउंडिंग की है तैयारी

आगामी निवेश योजनाओं की जानकारी देते हुए सचिव उद्योग ने कहा कि लगभग 24 हजार करोड़ रुपये के निवेश की अगली ग्राउंडिंग की तैयारी की जा रही है। इससे संबंधित विवरण भी सिंगल विंडो सिस्टम पर उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी। उन्होंने मीडिया और संबंधित लोगों से अपील की कि वे परियोजनाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण करें, उद्यमियों से संवाद करें और धरातल पर हुए कार्यों का आकलन तथ्यों के आधार पर करें।

उत्तराखंड में निवेश को लेकर स्पष्ट है सरकार की प्रतिबद्धता

विनय शंकर पांडे ने कहा कि उत्तराखंड में निवेश को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट है। निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता, उद्यमियों को सहयोग और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों और धरातलीय प्रगति के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत।