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Kushiyara River: भारत और बांग्लादेश के बीच जल विवाद क्या है? जानिए कुशियारा नदी समझौते का उद्देश्य

 Edited By: Ravi Prashant
 Published : Sep 08, 2022 12:51 pm IST,  Updated : Sep 08, 2022 07:01 pm IST

Kushiyara River: जब दोनों देशों को पार करने वाली नदियों से बहने वाले पानी को शेयर करने की बात आती है तो भारत और बांग्लादेश कई दशकों से एक चौराहे पर आमने-सामने मिलते हैं।

Kushiyara River- India TV Hindi
Kushiyara River Image Source : INDIA TV

Highlights

  • जल संधि पर हस्ताक्षर के बाद इस तरह का पहला समझौता है
  • मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अंतिम समय में पीछे हट गईं थी
  • दक्षिणी असम और सिलहट में रहने वाले लोगों को लाभ मिलेगा

Kushiyara River: जब दोनों देशों को पार करने वाली नदियों से बहने वाले पानी को शेयर करने की बात आती है तो भारत और बांग्लादेश कई दशकों से एक चौराहे पर आमने-सामने मिलते आ रहे हैं। चूंकि एक स्थिर जल आपूर्ति हमेशा विकासशील देशों के लिए एक संवेदनशील मुद्दा रहा है, भारत और बांग्लादेश वर्षों से विवाद में उलझते रहे हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना दिल्ली के यात्रा पर है।

इसी बीच नदी जल विवाद के मुद्दे पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ समस्याओं को हल करने के लिए चर्चा की गई, इसमें मुख्य रुप से तीस्ता नदी जल विवाद पर फोकस किया गया। दोनों देशों के बीच जल-बंटवारे की समस्या को खत्म करने के प्रयास में पीएम मोदी और बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना की सहमति बन गई।

पिछले 35 वर्षों से जारी है संघर्ष

भारत और बांग्लादेश के बीच जल विवाद लंबे समय से विवाद चलते आ रहा है। दोनों देशों के बीच ये दो बड़े जल विवाद है, तीस्ता नदी विवाद और गंगा नदी विवाद, दोनों देशों के मछुआरों, किसानों और नाविकों के लिए प्रमुख स्रोत हैं। गंगा नदी का विवाद पिछले 35 वर्षों से दोनों देशों के बीच संघर्ष का मुद्दा रहा है क्योंकि पवित्र नदी भारत से बांग्लादेश में प्रवेश करती है। जहां गांगा को पद्ममा नदी के रूप में जाना जाता है। जल बंटवारे के लिए कोई स्थायी समाधान उपलब्ध नहीं होने के कारण द्विपक्षीय वार्ता के कई दौर विफल रहे हैं। इसके अलावा भारतीय प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और बांग्लादेश की समकक्ष शेख हसीना के बीच अगले 30 वर्षों के लिए जल बंटवारा समझौता स्थापित करने के लिए एक संधि पर बात बनी थी, जो जल्द ही समाप्त होने वाला था।

ममता बनर्जी हट गई थी पीछे
तीस्ता जल-बंटवारे विवाद को हल करने के लिए अभी तक कोई संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए गए थे, जो 1986 से भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव का कारण रहा है। इससे पहले नदी के कुछ प्रतिशत आवंटित करने के लिए एक संधि तैयार की गई थी लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अंतिम समय में पीछे हट गईं। पीएम मोदी पीएम शेख हसीना ने कुशियारा जल समझौते पर दोनों अपनी सहमति जताई। भारत और बांग्लादेश ने मंगलवार को कुशियारा नदी के लिए अंतरिम जल बंटवारे समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौते से किसे मिलेगा लाभ 
दोनों देशों में बहने वाली नदी के संसाधनों को विभाजित करने के प्रयास में पीएम मोदी और पीएम शेख हसीना ने कुशियारा नदी के पानी के बंटवारे पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया, इस समझौते से दक्षिणी असम और सिलहट में रहने वाले लोगों को लाभ मिलेगा। हसीना के साथ बातचीत के बाद पीएम मोदी ने संवाददाताओं से कहा कि "आज हमने कुशियारा नदी के पानी के बंटवारे पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किया हैं। इससे भारत में दक्षिणी असम और बांग्लादेश में सिलहट क्षेत्र को फायदा होगा।"

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