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Explainer: क्या मुहूर्त ट्रेडिंग में इंट्राडे और F&O कर सकते हैं, जानें निवेशकों को कितनी बार हुआ मुनाफा

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Oct 21, 2024 07:40 am IST,  Updated : Oct 21, 2024 08:21 am IST

मुहूर्त ट्रेडिंग में आम दिनों की तरह ही व्यापार होता है। इसमें ब्लॉक डील सेशन, प्री-ओपन सेशन, सामान्य बाजार सेशन, ऑक्शन सेशन और क्लोजिंग सेशन होते हैं। सबसे ज्यादा व्यापार सामान्य बाजार सत्र में ही होता है।

मुहूर्त ट्रेडिंग क्या होता है और इसकी शुरुआत कब हुई- India TV Hindi
मुहूर्त ट्रेडिंग क्या होता है और इसकी शुरुआत कब हुई Image Source : INDIA TV

Muhurat Trading 2024: भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख एक्सचेंजों बीएसई और एनएसई ने इस साल के लिए मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए तारीख और समय का ऐलान कर दिया है। शेयर बाजार निवेशकों में इस बार के मुहूर्त ट्रेडिंग की तारीख को लेकर काफी कंफ्यूजन बना हुआ था। दरअसल, कई लोग इस बार 31 अक्टूबर को दीपावली मनाएंगे तो फिर कई लोग 1 नवंबर को दिवाली मनाएंगे। लेकिन बीएसई और एनएसई ने निवेशकों की सारा कंफ्यूजन दूर कर दिया। बीएसई और एनएसई ने अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी कर बताया कि इस बार शुक्रवार, 1 नवंबर, को मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन किया जाएगा। 1 नवंबर को दीपावली के दिन शाम 6.00 बजे से 7.10 बजे तक शेयर बाजार मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए खुलेंगे।

मुहूर्त ट्रेडिंग क्या होता है और इसकी शुरुआत कब हुई

मुहूर्त के बारे में तो हम सभी न ही सुना है। मुहूर्त यानी किसी भी काम को करने के लिए शुभ समय और मुहूर्त ट्रेडिंग का मतलब शेयर बाजार में खरीदारी करने का शुभ समय। शेयर बाजार से जुड़े जानकार बताते हैं कि भारतीय शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा शुरू हुए 6 दशक से भी ज्यादा समय हो चुका है। बीएसई यानी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने साल 1957 में मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत की थी। बीएसई के बाद आए एनएसई यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने साल 1992 में मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत की थी। आमतौर पर भारतीय शेयर बाजार त्योहारों के दिन पूरी तरह से बंद रहते हैं। लेकिन दीपावली इकलौता ऐसा त्योहार है, जिसके लिए हमारे शेयर बाजार के दोनों प्रमुख एक्सचेंज मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए 1 घंटे के लिए खुलते हैं।

निवेशकों के लिए इतना महत्वपूर्ण और खास क्यों है 

  • भारतीय निवेशक दिवाली को अपने नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के रूप में देखते हैं।
  • हिंदू धर्म के कई समाज में दीपावली के साथ ही नए साल की शुरुआत मानी जाती है।
  • निवेशकों का मानना है कि दीपावली के दिन खरीदारी करने से आने वाला साल उनके लिए समृद्धि लेकर आता है और पूरे साल मुनाफा होता है। यही वजह है कि इस दिन शेयर बाजार निवेशक भी शेयरों की खरीदारी करते हैं ताकि आने वाला साल उनके लिए समृद्धि लेकर आए।
  • शेयर बाजार निवेशक इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं और फिर शेयरों की खरीदारी करते हैं।
  • आमतौर पर इस दौरान खरीदे जाने वाले शेयरों को लॉन्ग टर्म के लिए रखा जाता है ताकि वे लंबी अवधि में मोटे से मोटा मुनाफा दें।
  • कुल मिला-जुलाकर ये कहा जा सकता है कि मुहूर्त ट्रेडिंग हिंदू मान्यताओं पर आधारित है।

मुहूर्त ट्रेडिंग में क्या-क्या होता है

  • मुहूर्त ट्रेडिंग में आम दिनों की तरह ही व्यापार होता है।
  • इसमें ब्लॉक डील सेशन, प्री-ओपन सेशन, सामान्य बाजार सेशन, ऑक्शन सेशन और क्लोजिंग सेशन होते हैं।
  • सबसे ज्यादा व्यापार सामान्य बाजार सत्र में ही होता है।
  • इस सत्र में तमाम रिटेल इंवेस्टर्स अपने मनपसंद शेयर खरीदते हैं और अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करते हैं।
  • मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान इंट्राडे कारोबार भी किया जा सकता है।
  • इसके अलावा, आप इस दौरान फ्यूचर एंड ऑप्शन्स और म्युचूअल फंड्स में भी खरीदारी कर सकते हैं। 

मुहूर्त ट्रेडिंग में कारोबार करते समय किन बातों का रखें ध्यान

आमतौर पर मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान शेयरों की काफी खरीदारी होती है। लेकिन इतिहास बताता है कि इस दौरान कई बार मार्केट में गिरावट भी देखने को मिली है। किसी भी कंपनी का शेयर खरीदने से पहले उसके बारे में अच्छी तरह से जानकारी प्राप्त कर लें। अगर आपको कंपनी के बारे में सही जानकारी नहीं है तो अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर बात करें।

मुहूर्त ट्रेडिंग का इतिहास

मुहूर्त ट्रेडिंग में कारोबार करने वाले निवेशकों को ज्यादातर समय प्रॉफिट मिला है। पिछले 17 मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन में से 13 बार बीएसई सेंसेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ है। 2012 से लेकर अभी तक भारतीय शेयर बाजार में 12 बार मुहूर्त ट्रेड सेशन आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें से 9 बार सेंसेक्स में मामूली बढ़त दर्ज की गई। पिछले साल, मुहूर्त ट्रेडिंग में सेंसेक्स 355 अंक उछाल के साथ बंद हुआ था। 2014 से 2023 के बीच, सेंसेक्स सिर्फ बार ही गिरावट में बंद हुआ है। साल 2017 में जहां सेंसेक्स 0.04% गिरा था और 2018 में ये 0.6% गिरा था।

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