Chandra Gochar: चंद्रमा 2 मई की रात को तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में गोचर कर जाएंगे। आपको बता दें कि वृश्चिक चंद्रमा की नीच राशि है, यानि इस राशि में चंद्रमा का बल क्षीण हो जाता है। 2 मई की रात में चंद्रमा का यह गोचर रात्रि 12 बजकर 30 मिनट पर होगा। चंद्रमा अपनी नीच राशि में 5 तारीख की दोपहर तक रहेंगे। कुछ राशियों के लिए 5 तारीख तक का समय बेहद परेशानियों भरा रह सकता है। आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में और साथ ही हम बताएंगे कि क्या उपाय करने से इन राशियों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
मेष राशि
चंद्रमा का गोचर आपके अष्टम भाव में होगा। यह भाव अनिश्चितता और अचानक होने वाले परिवर्तनों का कारक माना जाता है। इस भाव में चंद्रमा की स्थिति आपको बेचैन कर सकती है और आप तनावग्रस्त हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में इस राशि के लोगों को सतर्क रहना होगा कोई भी कार्य कल पर न छोड़ें वरना दिक्कतें होंगी। वाहन चलाते समय आपको सावधानी बरतनी होगी। उपाय के तौर पर इस राशि के जातकों को शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए।
मिथुन राशि
आपकी राशि से छठे भाव में चंद्रमा का गोचर होगा। यह भाव शत्रुओं का कारक माना जाता है। इस भाव में चंद्रमा के होने से आपका शत्रु पक्ष सक्रिय हो सकता है। जिन पर आप विश्वास करते हैं वो ही आपको धोखा दे सकते हैं। इसलिए किसी पर भी इस दौरान आंख मूंदकर भरोसा न करें। वाद-विवाद की स्थिति से भी आपको बचना होगा नहीं तो मान-सम्मान की हानि हो सकती है। कोर्ट-कचहरी में कोई मामला चल रहा है तो बेहद सतर्क रहें। उपाय के तौर पर आपको सफेद खाद्य पदार्थों का दान करना चाहिए।
धनु राशि
चंद्रमा का गोचर आपके हानि भाव यानि द्वादश भाव में होगा। इस गोचर की वजह से आपको आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अचानक खर्चे बढ़ सकते हैं और आपका बजट बिगड़ सकता है। इसलिए आपको आर्थिक मामलों को लेकर सतर्क रहना होगा। इसके साथ ही पारिवारिक जीवन में नोकझोंक भी आपको मानसिक तनाव दे सकती है, सतर्क रहें। उपाय के तौर पर आपको भगवान शिव के मंत्रों जप करना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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