नोटबंदी के बाद अब पुराने नोट बदलने के लिए लोग देशभर के आरबीआई दफ्तरों पर पहुंच रहे हैं..लेकिन नियमों के चक्कर में ज्यादातर लोगों के नोट बदले नहीं जा रहे हैं। दिल्ली में आरबीआई के दफ्तर पर पुराने नोट बदलवाने आई एक महिला जब करेंसी बदलवाने में नाकामयाब रही तो उसने हंगामा करना शुरू कर दिया। जिसके बाद पुलिसवालों ने उसे हिरासत में ले लिया। महिला ने पुलिसवालों पर मारपीट का आरोप लगाया है।
ये महिला दिल्ली के नांगलोई इलाके की रहने वाली है और लोगों के घरों में काम कर अपनी ज़िंदगी चलाती है। रिज़र्व बैंक के दिल्ली दफ्तर में अपने चार हज़ार रुपए बदलवाने आयी थी। महिला के मुताबिक, वो रोज़ अपने दो साल के बच्चे को गोद में लिए रिजर्व बैंक में आ रही थी लेकिन यहां उसे सिर्फ नियमों का हवाला मिल रहा था। बुधवार को भी जब पैसे नहीं बदले तो उसने हंगामा किया।
ये परेशानी सिर्फ इस महिला की नहीं है। देश भर में जहां-जहां रिजर्व बैंक के दफ्तर हैं, सैंकड़ों लोग पुराने नोट के साथ हर रोज आरबीआई दफ्तर पहुंच रहे हैं लेकिन उनका नोट नहीं बदला जा रहा है। 8 नवंबर को पीएम मोदी ने नोटबंदी का ऐलान करते हुए कहा था कि रिजर्व बैंक में 31 मार्च तक नोट बदले जाएंगे।
यानि प्रधानमंत्री ने अपने एतिहासिक भाषण में भले ही कुछ कहा हो लेकिन रिजर्व बैंक के एक नए नोटिफिकेशन की वजह से इन लोगों के पुराने नोट नहीं बदले जा रहे हैं। नोटिफिकेशन के मुताबिक उन्हीं लोगों के हजार और पांच सौ के पुराने करेंसी बदले जाएंगे जो नौ नंवबर 2016 से लेकर तीस दिसंबर 2016 के बीच विदेश में थे। साथ ही जो एनआरआई इस दौरान भारत में नहीं थे, उनके ही नोट बदले जा सकेंगे और ये सुविधा रिजर्व बैंक के सिर्फ मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, और नागपुर के दफ्तर में इन लोगों को एक बार ही दी जाएगी।
अब रिजर्व बैंक के इस फरमान से लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। समस्या ये है कि ये लोग इन नोट का करें तो क्या करें क्योंकि इन नोट को भी 31 मार्च के बाद अपने पास रखना नए अध्यादेश के मुताबिक गैरकानूनी है और इसके लिए जुर्माना तक लग सकता है।