जयपुर: कांग्रेस ने आज मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब नववर्ष की पूर्वसंध्या पर बोलें तो उन्हें नोटबंदी के कारण जनता को हुई परेशानियों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। पार्टी ने 6 जनवरी से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया।
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नोटबंदी के बाद 50 दिन की सीमा खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री देश को संबोधित कर सकते हैं। मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री ऐसी घोषणाएं बहुत अच्छी तरह करते हैं जो वास्तविकता से दूर होती हैं। उन्होंने जयपुर में संवाददाता सम्मेलन में कहा, नोटबंदी को 50 दिन होने के बाद भी सामान्य स्थिति बहाल नहीं हुई है।
सुरजेवाला ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी का नोटबंदी का कदम देशबंदी बन गया है। विकास रुक गया है। यह घोटाला है और गैरजरूरी कदम है। इससे देश में आर्थिक अस्थिरता आई है। देशभर में नकदी संकट की वजह से कई लोगों की जान चली गयी। यह देश के गरीबों पर सर्जिकल स्ट्राइक है और उन्हें बहुत परेशानी हुई है। उन्होंने दावा किया कि नोटबंदी के ऐलान के बाद पिछले 50 दिन में 115 लोगों की मौत हो गयी। रिजर्व बैंक ने अपने नियमों को 126 बार बदला है और बंद कर दी गयी मुद्रा की छपाई में आठ महीने लग जाएंगे।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, छह जनवरी से लेकर हम पूरे देश में नोटबंदी के खिलाफ लगातार प्रदर्शन करेंगे। हम शोक-संतप्त परिवारों के लिए मुआवजे की, व्यापारियों और आम आदमी के लिए बिक्री कर में छूट की मांग करते हैं।
कांग्रेस नेता मीम अफजल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अब तक पीड़ितों के लिए सहानुभूति का एक शब्द तक नहीं बोला है, माफी की बात तो भूल जाइए। उन्होंने श्रीनगर में संवाददाताओं से कहा, लेकिन हम उनसे अपेक्षा करते हैं कि जब वह अपने मांगे 50 दिन पूरे होने पर इस मुद्दे पर बोलें तो माफी मांगें। अफजल ने दावा किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल 2 करोड़ नये रोजगार सृजन का वादा किया था लेकिन ढाई साल में केवल डेढ़ लाख नौकरियां पैदा हुईं। पिछले महीने नोटबंदी के ऐलान के बाद कम से कम 10 करोड़ लोग बेरोजगार हो गये।