अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्याल छात्र संघ ने भोपाल एनकाउंटर के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया और एनकाउंटर की न्यायिक जांच की मांग की। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को दिए एक ज्ञापन में संघ ने सु्प्रीम कोर्ट की निगरानी में मामले की जांच की मांग की है।
सोमवार को कथित मुठभेड़ की ख़बर के बाद से ही विश्वविद्याल परिसर में नाराज़गी बढ़ रही थी लेकिन प्रशासन ने मंगलवार को समारोह की वजह से इसे दबा रखा था। लेकिन छात्रों ने बुधवार को आख़िरकार जुलूस निकाल ही लिया जो रैली के रुप में संपन्न हुआ। संघ के अध्यक्ष फ़ैज़ल हसन ने रैली को संबोधित करते हुे आरोप लगाया कि जब से एनडीए सरकार आई है "मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "हम सभी आतंकवाद के ख़िलाफ़ हैं लेकिन आतंकवाद के खिलाफ़ लड़ाई समाज के हर वर्ग को साथ लेकर लड़नी चाहिये न कि किसी वर्ग विशेष को निशाना बनाकर। बेगुनाहों" को निशाना बनाकर सरकार आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई को कमज़ोर कर रही है।"
हसन ने कहा कि ये रवैया जारी रहा तो मोदी सरकार धार्मिक उग्रवाद और देश में नफरत फ़ैलाने के लिए ज़िम्मेवार होगी। उन्होंने कहा कि छात्रों का मानना है कि आतंकवाद से लड़ने का बेहतर तरीका "अन्याय के ख़िलाफ़ खड़ा होना है। उन्होंने इस घटनाक्रम में मारे गए पुलिस कांस्टेबल के परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
आपको बता दें कि सोमवार को भोपाल जेल से भागने के बाद पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में प्रतिबंधित सिमी के आठ कार्यकर्ता मारे गए थे जिन पर अनेकों आरोपों में मुक़दमें चल रहे थे।