नई दिल्ली: गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने आज बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि वो सीएम पद छोड़ सकती हैं। आपको बता दें कि आनंदी बेन ने अपने फेसबुक पर लिखा कि इस साल नवंबर में वह 75 साल की हो जाएंगी। उन्हें सीएम पद से मुक्त किया जाए। उन्होंने करीब दो महीने पहले भाजपा को इस बाबत जानकारी भी दी थी। आनंदीबेन ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि अगले साल 2017 के आखिर में गुजरात में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। साथ ही हर दो साल पर होने वाले वाईब्रेंट गुजरात समिट भी जनवरी 2017 में ही होने वाला है। इसलिए वह चाहती हैं कि नए आने वाले मुख्यमंत्री को इन सबकी तैयारी का पूरा वक्त मिले।
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आनंदीबेन पटेल ने नरेंद्र मोदी के केंद्र की राजनीति में आने के बाद 22 मई 2014 को मुख्यमंत्री का पद संभाला था। पटेल ने कहा, दो महीने पहले मैंने पार्टी से अनुरोध किया था कि मुझे इस पद से मुक्त कर दिया जाए और आज इस पत्र के जरिए मैं पार्टी से मुझे इस पद से मुक्त करने का अनुरोध करती हूं। राज्य में 2017 में विधानसभा चुनाव होने हैं और जनवरी में वाइब्रेंट गुजरात समिट जैसा एक महत्वपूर्ण आयोजन होगा। उन्होंने कहा, यह (75 की उम्र का नियम) एक अच्छी चीज है और इससे युवा नेताओं को आगे आने का मौका मिलेगा।भाजपा के भीतर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हाल ही में मौखिक घोषणा पत्र तय किया गया जो इस प्रकार से है कि 75 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नेताओं को पद छोड़ना होगा।

मई, 2014 में मुख्यमंत्री का पद संभालने वाली आनंदीबेन पटेल इस साल 21 नवंबर को 75 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगी। वह 1941 में जन्मी थीं। केन्द्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला को भी आयु सीमा पार करने के चलते हाल ही में कथित तौर पर अपना इस्तीफा देने को कहा गया। इससे पहले, मध्य प्रदेश में वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल गौर और सरताज सिंह सहित कई मंत्रियों को उम्र की सीमा के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मंत्रिमंडल से हटाया गया।
'पार्टी संसदीय दल करेगा फैसला'
दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस घटनाक्रम के बारे में कहा कि आगामी 21 नवंबर को 75 वर्ष की आयु पूरी करने जा रही राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री आनंदीबेन के स्थान पर किसी दूसरे नेता को नियुक्त करने के बारे में अंतिम फैसला पार्टी संसदीय दल ही करेगा। शाह ने प्रेस ट्रस्ट से दिल्ली में कहा, ‘आनंदीबेन ने पार्टी से अनुरोध किया है कि उन्हें उनके कार्यभार से मुक्त कर दिया जाए। मैं,मुझे लिखा उनका इस आशय का पत्र पार्टी संसदीय बोर्ड को भेज रहा हूं और वही इसपर अंतिम फैसला करेगा।’