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आनंदीबेन पटेल देंगी इस्तीफा, गुजराती में जो लिखा उसे हिंदी में हूबहू पढ़िए

 Written By: India TV News Desk
 Published : Aug 01, 2016 06:14 pm IST,  Updated : Aug 01, 2016 07:02 pm IST

आनंदीबेन ने फेसबुक पर गुजराती में जो लिखा उसे हिंदी में पढ़िए... पिछले 30 साल से भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ता के तौर पर काम करते-करते मुझे कई बार जिम्मेदारियां सभालने को भी मिला। संगठन

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आनंदीबेन पटेल ने फेसबुक पर गुजराती में जो लिखा उसे हिंदी में पढ़िए...

पिछले 30 साल से भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ता के तौर पर काम करते-करते मुझे कई बार जिम्मेदारियां सभालने को भी मिला। संगठन और सरकार ने मुझे कई जिम्मेदारियां सौंपी, जिन्हें मैं अपना सौभाग्य मानती हूं। महिला मोर्चा की जिम्मेदारी से लेकर मुख्यमंत्री पद तक मुझे नेतृत्व सौंपा जिसके लिए मैं ऋणी हूं। कुशल संगठक, दीर्घदृष्टि और कर्मठ आदरणीय नरेंद्रभाई मोदी के नेतृत्व के नीचे पहले संगठन और फिर सरकार में काम करने को मिला।

पिछले 18 सालों से गुजरात सरकार के कई विभागों में काम करते-करते कई रचनात्मक सुधार करते हुए नई प्रजाभिमुख योजनाओं के सरल अमीलकरण द्वारा पारदर्शिता लाने की प्रमाणिकता के साथ परिणामलक्षी कार्य करने के लिए सतत प्रयत्नशील रही। मुझे, 2014 में गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री के तौर पर जवाबदारी श्री नरेंद्रभाई मोदी और वरिष्ठ नेताओं ने सौंपी जिसे मैं पूरे गुजरात की महिलाओं का गौरव मानती हूं। नरेंद्रभाई मोदी 12 साल से ज्यादा गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहे और उनकी जगह पर मुझे चुना गया ये स्वाभाविक रूप से आकाश के तारे गिनने जैसा कठिन काम था लेकिन मेरे लिए ये गर्व की बात थी कि गुजरात को आगे बढ़ाने के लिए मैं कभी पीछे नहीं हटी।

भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा, सिद्धांतों से प्रेरित मैं इस पार्टी से जुड़ी और आज तक इसका पालन करती रही हूं। पिछले कुछ समय से पार्टी में 75 वर्ष से ज्यादा की उम्र के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को स्वैच्छिक जिम्मेदारी से मुक्त होने की परंपरा खड़ी की है, जो अनुकरणीय है जिसके कारण आने वाले पीढ़ी को काम करने को मिलता है। मेरे भी नवम्बर में 75 वर्ष पूरे हो रहे है। इसलिए 2 महिने पहले मैंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने इस जिम्मेदारी से मुक्त करने की विनती की थी। मैं आज फिर इस पत्र के द्वारा वरिष्ठ नेतृत्व को मुझे मुख्यमंत्री पद से मुक्त करने की विनम्र विनती कर रही हूं।

गुजरात की गौरवशाली प्रजा की सेवा करने का मौका मिला और लोगों को लाभ पहुंचाने के मैंने तमाम प्रयास किए। राज्यरूपी परिवार का नेतृत्व करते हुए मुझे अपार प्रेम, स्नेह और काम करते रहने की सतत प्रेरणा मिली जिसका मैं ह्दय से कृतज्ञता व्यक्त करते हुए वंदन करती हूं।

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