नई दिल्ली: बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद बैजयंत जय पांडा ने आज कहा कि वह हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बाधित होने में गंवाए गए समय के अनुपात में अपना वेतन और दैनिक भत्ता लौटाएंगे। पांडा ने पिछले कुछ साल में ऐसा कदम हर बार उठाया है।
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पांडा ने कहा, मैं पिछले कई साल से ऐसा करता रहा हूं, शायद चार या पांच साल से। हर सत्र के अंत में मैं उसी अनुपात में अपने वेतन का एक हिस्सा और दैनिक भत्ता लौटा देता हूं, जितना हंगामे के कारण लोकसभा का वक्त बर्बाद हुआ होता है। उन्होंने कहा कि यह सांकेतिक तौर पर उठाये जाने वाला कदम है। उन्होंने स्वीकार किया कि जितने बड़े पैमाने पर पैसे बर्बाद हुए, उसकी तुलना में यह कुछ नहीं है।
पांडा ने कहा, संसद में कार्यवाही बाधित होने के कारण देश का ढेर सारा पैसा बर्बाद हो रहा है। लिहाजा, यह मेरा सांकेतिक कदम है क्योंकि अंतरात्मा मुझे झकझोरती है कि हम ये सारे फायदे तो ले रहे हैं, लेकिन अपना काम नहीं कर रहे जबकि हमें अपना काम करना होता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने संसद की कार्यवाही कभी बाधित नहीं की। पांडा ने कहा, अपने 16 साल के करियर में मैंने कभी संसद बाधित नहीं की। यह मेरी अंतरात्मा का मामला है।