पटना: बिहार के दरभंगा जिले में हाल में दो इंजीनियरों की हत्या और प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर राजद प्रमुख लालू प्रसाद द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सुझाव दिए जाने के बाद, राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के आज चिंता जताते हुए यह पूछा कि गाड़ी (सरकार) की ड्राईविंग सीट (मुख्यमंत्री पद) पर जो बैठा होता है स्टेरिंग उसी के हाथ में होता है।
रघुवंश ने से कहा, ‘बिहार में हाल में कुछ इंजीनियरों की हत्या ने यह साबित कर दिया है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने प्रदेश में घटित आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि कानून व्यवस्था बहाल करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।’
पूर्व केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा, सरकार की ड्राइविंग सीट पर बैठे नीतीश कुमार को कानून व्यवस्था की स्थिति और बेहतर बनाने के लिए कडे़ कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, हमारी पार्टी राजद पिछली सीट पर बैठी है और वाहन (गठबंधन की सरकार) का स्टेरिंग जिसके हाथ में है, सुरक्षित चलाने की जिम्मेदारी भी मुख्य रूप से उसी पर है।
कानून-व्यवस्था पर नीतीश को लालू की सलाह और उसपर जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार की टिप्प्णी, बिहार विधानसभा चुनाव में प्रदेश की 11 करोड़ जनता ने नीतीश के पक्ष में जयकारा करते हुए उनके नेतृत्व वाले महागठबंधन को तीन-चौथाई बहुमत दिया था, पर राजद नेता सिंह ने कहा, ‘जदयू के लोगों को जयकार सुनने की आदत हो गई है। लेकिन उन्हें जनता के लिए समस्या बने अपराध पर काबू पाने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।’
उन्होंने कहा कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने बिहार में अपराध की स्थिति को लेकर उचित कहा है और उसे मानना चाहिए। सिंह की इस टिप्पणी पर जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने कहा कि बिहार को बुरे दिन से उबारने का नीतीश कुमार का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है इसलिए कानून व्यवस्था को लेकर उन्हें सुझाव देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने रघुवंश के विचार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि क्या बच्चा भी सुझाव दे सकता है?