नई दिल्ली: ममता बनर्जी सरकार को वाम मोर्चा सरकार के 34 वर्षों के कुशासन का विस्तार बताते हुए भाजपा ने उसके विकास के दावों पर सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सिर्फ बम बनाने के उद्योग और तृणमूल कांग्रेस समर्थकों द्वारा संचालित सिंडिकेट का विकास हो रहा है।
भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर कर के धन का इस्तेमाल राष्ट्रव्यापी विज्ञापनों के जरिए राज्य के आर्थिक विकास के बारे में झूठ फैलाने के लिए किए जाने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि यह आंकड़ों की घोर हेरा-फेरी है और बंगाल का बेहद निम्न आर्थिक आधार इस तरह की वृद्धि का मुख्य कारण है।
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल शासनहीन राज्य बन रहा है और उसका पतन हो रहा है। राज्य में आर्थिक संवृद्धि दर बढ़ने के तृणमूल के दावे का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि ओन टैक्स रेवेन्यू में बेहद कम वृद्धि हुई है और राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में ओटीआर अनुपात सिर्फ 5.7 फीसदी है जो देश में सबसे कम में से एक है जबकि कर्ज अनुपात 35 फीसदी है जो भाजपा शासित राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान से अधिक है।
सिंह ने कहा, तृणमूल कांग्रेस सरकार का दावा कि बंगाल में औद्योगीकरण में वृद्धि हो रही है यह जमीनी हकीकत के विपरीत है। जूट और चाय जैसे उद्योग बंद हो रहे हैं। सिर्फ एक उद्योग फल-फूल रहा है - वह है बम निर्माण उद्योग।
सिंह ने कहा, औद्योगीकरण का अभाव तृणमूल कांग्रेस के तहत सिंडिकेट की वृद्धि के कारण है जिसे माकपा के शासनकाल में स्थानीय समिति कहा जाता था। इन सिंडिकेटों को सरकार का चंदा साल 2012 में 15.62 करोड़ रपये से बढ़कर 2015 में 115 करोड़ रपये हो गया।