नई दिल्ली: भाजपा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की उस टिप्पणी से अपने को अलग कर लिया जिसमें कहा गया है कि मुसलमानों को गोमांस सेवन छोड़ना होगा। पार्टी ने कहा कि यह उसका रूख नहीं है। संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा, खट्टर द्वारा व्यक्त विचार पार्टी के नहीं हैं। मैं उनसे बात करूंगा और उन्हें सलाह दूंगा। ऐसी बात करना गलत है। उन्होंने कहा कि किसी की भोजन संबंधी आदतों को धर्म से जोड़ना उचित नहीं है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा, यह भाजपा का रूख नहीं है...किसी की खाने की आदत को धर्म से जोड़ा जाना ठीक नहीं है। लोगों को दूसरों की भावनाओं को ध्यान में रखना चाहिए और खाने का विषय लोगों की व्यक्तिगत पंसद है। उन्होंने कहा कि कोई भी सभ्य व्यक्ति किसी के खाने की आदत के चलते उसकी हत्या करने का समर्थन नहीं कर सकता है। उन्होंने दादरी के एक गांव में गोमांस का सेवन करने की अफवाह पर एक व्यक्ति की पीट पीट कर हत्या किए जाने को अत्यंत निदंनीय घटना बताया।
प्रधानमंत्री और भाजपा प्रमुख अमित शाह ने भी इस घटना को अस्वीकार्य बताया है। नायडू ने हालांकि कहा कि दादरी की घटना कानून व्यवस्था का मुद्दा है। इसके लिए भाजपा नीत केन्द्र सरकार को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। इसे उत्तर प्रदेश और उसके मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और वहां की समाजवादी पार्टी सरकार को देखना है। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि देश में असहिष्णुता बढ़ रही है और कहा कि पूर्व में इस तरह की घटनाएं होती रही हैं। इस घटना पर कुछ लेखकों द्वारा पुरस्कार लौटाए जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वे लोग ऐसा चयनित आधार पर कर रहे हैं। ऐसा करने वालों में से कितनों ने आपातकाल के खिलाफ या 1984 में सिख विरोधी दंगों के विरोध में इस तरह का कदम उठाया।