नई दिल्ली: लंबे समय से कांग्रेस का गढ़ रहे मराठवाड़ा के लातूर निकाय चुनावों में भाजपा ने पहली बार जीत हासिल की है। यहां वोटरों ने बीजेपी को फर्श से उठाकर अर्श पर बिठाया है। अभी तक इस सीट पर कांग्रेस का ही दबदबा रहा करता था और आजादी से लेकर अब तक यहां कांग्रेस ही जीतती थी। खास बात यह है कि पिछले 2012 के चुनावों मे एक भी सीटें न जीतने वाली भाजपा को इस बार 36 सीटें मिली हैं, वहीं कांग्रेस को 33 सीटों पर सिमटकर रह गई है। (अब किराये का घर हो जाएगा अपना, बन जाएंगे मकान मालिक!)
काफी समय से सूखे की मार झेल रहे लातूर में इस बार सीएम देवेंद्र फडणनवीस ने भी जमकर प्रचार किया था। लातूर कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था और प्रदेश के पूर्व सीएम व कांग्रेस नेता विलासराव देशमुख का यहां दबदबा हुआ करता था। 70 सदस्यों वाली महानगरपालिका के चुनाव बीते बुधवार को संपन्न हुए थे और 60 फीसदी वोटरों ने वोट का प्रयोग किया था।
सूखे की मार झेल रहे इस निकाय चुनाव में महाराष्ट्र के सीएम का वो वादा काम आया जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर लातूर की जनता ने निकाय चुनाव में भाजपा की जीत दिलाई तो वो इस क्षेत्र को सूखा-मुक्त बना देंगे। देवेंद्र फडणवीस का ये वादा काम आया और इस निकाय चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की है।
इससे पहले अमरावती और पुणे के निकाय चुनाव में भाजपा ने जीत का परचम लहराया है। कहा जा रहा है कि चुनावों में जीत के हीरो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हैं। वहीं मुंबई में भी पार्टी ने बीएमसी चुनावों में शिवसेना को कड़ी टक्कर दी, जिसके बाद अलग हुए दोनों दल फिर एक साथ आ गए।
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