सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टी एस ठाकुर ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण पर सवाल करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री डेढ़ घंटे तक बोले लेकिन जजों की नियुक्ति पर कुछ भी नहीं कहा।
स्वतंत्रता दिवस पर सुप्रीम कोर्ट में आयोजित एक प्रोग्राम में बोलते हुए जस्टिस ठाकुर ने कहा, ''मैं अपने करियर के शिखर पर हूं, मुझे अपने मन की बात कहने में हिचक नहीं है और इसलिए अब मैं बेबाकी से अपने राय देता हूं।''
जस्टिस ठाकुर ने कहा, “देश के लोकप्रिय पीएम डेढ़ घंटा बोले, लॉ मिनिस्टर भी बोले। मैंने सोचा था इंसाफ की, जजों की नियुक्ति की भी बात होगी। लोग जानते हैं, कौन क्या कर रहा है। आज देश के लिए कुर्बानी देने वालों को याद करने का दिन है।”
चीफ जस्टिस ख़ालिस हिंदुस्तानी में भाषण दे रहे थे। उन्होंने कहा, “आज का दिन बेहद अहम है। हमने क्या किया, क्या करेंगे ये बताकर आज के दिन की अहमियत कम नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश राज में 10 साल में सुलझ जाते थे केस लेकिन अब ऐसा नहीं होता।
इस मौक़े पर जस्टिस ठाकुर ने एक शेर भी पढ़ा, “गुल फेंके है औरों की तरफ़ बल्कि समर भी, ऐ ख़ानाबर अंदाज़-ए-चमन कुछ तो इधर भी”
चीफ जस्टिस ने सरकार से गरीबी और बेरोज़गारी पर खास ध्यान देने की अपील की. उन्होंने कहा कि गरीबी रेखा ऐसे बनाई गई है, जैसे आदमी को सिर्फ 2 वक्त की रोटी चाहिए।