श्रीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल को आगे ले जाते हुए परिसीमन आयोग ने सभी राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और जम्मू कश्मीर के पंजीकृत राजनीतिक दलों को अगले हफ्ते केंद्र शासित प्रदेश की अपनी यात्रा के दौरान अलग-अलग बैठकों के लिए आमंत्रित किया है। अधिकारियों ने श्रीनगर में शुक्रवार को यह जानकारी दी। जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) सुशील चंद्रा के नेतृत्व में आयोग नागरिक समाज समूहों और इस तरह के अन्य संगठनों के साथ अलग-अलग बैठकें भी कर सकता सकता है। हालांकि, इन समूहों और संगठनों को अपने-अपने उपायुक्तों (DC) के माध्यम से इसके लिए पूर्व अनुमति और समय लेना होगा।
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आयोग 6 से 9 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर की 4 दिवसीय यात्रा करेगा और वहां नए विधानसभा क्षेत्र सृजित करने की कवायद के तहत प्रत्यक्ष रूप से जानकारी जुटाने के लिए राजनीतिक दलों के नेताओं तथा अधिकारियों से बातचीत करेगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर के 14 नेताओं के साथ 24 जून की बैठक के दौरान कहा था कि परिसीमन कार्य को शीघ्रता से करना होगा ताकि एक निर्वाचित सरकार गठित करने के लिए चुनाव हो सके। ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि चुनाव अगले 6 से 9 महीनों में हो सकते है।
अधिकारियों ने बताया कि आयोग ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि प्रत्येक पंजीकृत, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दल के प्रतिनिधि को अलग-अलग समय दिया जाए, ताकि उनमें से प्रत्येक के साथ अलग-अलग चर्चा हो सके। आयोग राजनीतिक दलों और उसके नेताओं के साथ श्रीनगर में छह जुलाई को और जम्मू में आठ जुलाई को बाचतीत करेगा। अधिकारियों ने बताया कि तीन सदस्यीय आयोग में जम्मू कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी तीसरे सदस्य हैं।
आयोग डीसी के साथ भी अलग से बातचीत करेगा। परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जम्मू कश्मीर में विधानसभा सीटों की संख्या 83 से बढ़ कर 90 हो जाएगी। विधानसभा की 24 सीटें रिक्त बनी रहेंगी क्योंकि वे पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पड़ती हैं।