नई दिल्ली: लंबे समय से अटके पड़े बहुचर्चित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक को बुधवार को राज्यसभा में पेश कर दिया गया। इस समय उच्चअ सदन में इस बिल पर चर्चा जारी है। इस बिल को राज्यसभा में विचार एवं पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किए जाने के बाद आज उच्चल सदन में इस पर साढ़े पांच घंटे से अधिक समय तक चर्चा होगी।
गौरतलब है कि मोदी सरकार ने 16 वीं लोकसभा में संविधान के 122 वां संशोधन विधेयक गत वर्ष मई माह में पेश किया था। लोकसभा में पास होने के बाद इसे राज्यासभा में मंजूरी के मिलने का लंबे समय से इंतजार है। कांग्रेस कुछ बातों को लेकर अपना विरोध जता रही थी और राज्यससभा में कांग्रेस बहुमत में थी इसलिए मोदी सरकार सभी दलों की आम सहमति मिलने के बाद ही इसे राज्य सभा में पेश करने की योजना पर काम कर रही थी।
सबसे पहले कब पेश हुआ था जीएसटी ?
जीएसटी का पूरा विचार आज से ठीक एक दशक पहले 2006 07 में यूपीए सरकार ने पेश किया था। मार्च 2011 में इसे यूपीए सरकार ने लोकसभा में पेश किया था लेकिन 15 वीं लोकसभा का कार्यकाल पूरा होने से पहले इसे पास नहीं किया जा सका था।
अगर राज्यपसभा में बिल पास हो गया तो
जीएसटी (गुड़स एंड सर्विस टैक्सा) अब तक का सबसे बड़ा टैक्सभ रिफॉर्म माना जा रहा है और आर्थिक मामलों के एक्स्पर्ट का मानना है कि यह भारतीय अर्थव्यलवस्थाब के लिए गेमचेंजर का काम कर सकता है। अगर यह लागू हो जाता है तो मार्केट का चेहरा खिलना तय है और लांग टर्म में ग्रोथ को स्पीचड मिलेगी। टैक्स का पूरा सिस्टोम आसान हो जाएगा। इस बिल के लागू हो जाने के बाद कुछ चीजें सस्तीप तो कुछ महंगी भी हो सकती हैं।