इंफाल: मणिपुर से कठोर कानून सशस्त्र बल (विशेष शक्ति) अधिनियम (AFSPA) को हटाने की मांग को लेकर लगातार 16 वर्षो तक अनशन कर चुकीं इरोम शर्मिला ने राज्य के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ने की सोमवार को औपचारिक घोषणा की। इरोम ने बीते साल 9 अगस्त को अपना अनशन खत्म किया था।
(देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें)
ओकराम इबोबी सिंह लगातार तीन कार्यकाल से मुख्यमंत्री हैं और थुबल विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित होते आ रहे हैं। इरोम ने कहा, "15 वर्षो के कार्यकाल के दौरान उन्होंने (मुख्यमंत्री) राज्य से एएफएसपीए हटाने को लेकर कुछ भी नहीं किया। तभी मैंने महसूस किया कि इसे कोई भी राजनेता नहीं हटाएगा और इसलिए मैंने चुनाव लड़ने की योजना बनाई। मैं मुख्यमंत्री बनूंगी और इस कठोर कानून को हटा दूंगी।"
उधर, मुख्यमंत्री ने इरोम पर सच्चाई न बयां करने का आरोप लगाया है। इबोबी सिंह ने कहा कि इंफाल नगर निगम के 7 विधानसभा क्षेत्रों से एएफएसपीए हटा दिया गया है और वादा किया गया है कि अगर हालात सकारात्मक रहे, तो अन्य इलाकों से भी इसे हटा दिया जाएगा।
कठोर कानून हो हटाने के लिए अपना जीवन कुर्बान करने की ओर इशारा करते हुए इरोम ने कहा, "इसे हटाना मेरा दृढ़ संकल्प है। मैंने सचमुच में रणनीति बदल दी है।"
संघर्ष की मिसाल कायम करने वाली इरोम शर्मिला ने 'पीपुल्स रिसर्जेस एंड जस्टिस अलायंस' नामक पार्टी का गठन किया है।