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'जम्मू-कश्मीर में है लड़ाई राष्ट्रवाद बनाम अलगाववाद की'

 Written By: India TV News Desk
 Published : Aug 10, 2016 03:33 pm IST,  Updated : Aug 10, 2016 03:33 pm IST

सांसद शमशेर सिंह मिन्हास ने जम्मू और लद्दाख क्षेत्र का उल्लेख किये बिना कश्मीर के मसले पर चर्चा को बेमानी बताते हुये कहा कि वहां राष्ट्रवाद और अलगाववाद की लड़ाई है।

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नयी दिल्ली: आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में जारी हिंसा पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान जहां नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाते हुए पूरी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया तो वहीं भाजपा की ओर से मोर्चा संभाले जम्मू कश्मीर से सांसद शमशेर सिंह मिन्हास ने जम्मू और लद्दाख क्षेत्र का उल्लेख किये बिना कश्मीर के मसले पर चर्चा को बेमानी बताते हुये कहा कि वहां राष्ट्रवाद और अलगाववाद की लड़ाई है।

मन्हास ने राज्यसभा में कश्मीर घाटी की वर्तमान स्थिति पर चर्चा में भाग लेते हुये कहा कि जम्मू कश्मीर राज्य में जम्मू, लद्दाख और कश्मीर अलग अलग क्षेत्र है। राज्य की 55 प्रतिशत आबादी जम्मू क्षेत्र में रहती है। पहले हमें जम्मू और लद्दाख के बारे में जानना होगा।

कश्मीर से ज्यादा आबादी जम्मू  और लद्दाख में निवास करती है उनकी चर्चा क्यों नहीं होती? उनके हितों की बात क्यों नहीं होती? शमसेर सिंह ने सवाल किया कि राज्य के 55 फीसदी लोग जम्मू  रीजन में बसते हैं इनमें से सात लाख युवा विभिन्न डिग्रियां लेकर भी बेरोजगार बैठे हैं क्या वे गन नहीं उठा सकते या वो भी आजादी का नारा नहीं दे सकते। नहीं, वे लोग आज भी अपने देश के साथ हैं।

उन्होंने आगे कहा, "जम्मू के लोगों ने हमेशा लोकतंत्र में विश्वास किया है। लेकिन कश्मीर घाटी में, "राष्ट्रवाद और अलगाववाद के बीच लड़ाई चल रही है।" उन्होंने कहा, "कश्मीर घाटी में लोग अलगाववादियों के आदेश का पालन करते हैं।"

उन्होंने गुलाम नबी आजाद से मुखातिब होते हुए कहा कि वे जानते होंगे की यह लड़ाई एक छोटे से हिस्से में है। अलगाववादी नेताओं से एक बार तो पूछा जाए कि जिन बच्चों के हाथों में लैपटॉप और कलम दी जानी चाहिए ‌थी उनके हाथों में ये पत्थएर क्यों पकड़ा देते हैं। चिंता का विषय ये होना चाहिए कि इन बच्चों को कैसे संभाला जाए।

सांसद ने सवाल किया कि उग्रवाद वहां पनपा तो पनपा क्यों, ये अलगाववादी नेता आगे बढ़े तो बढ़े क्यों? शमसेर सिंह ने एक और बात का खुलासा करते हुए कहा कि पाकिस्तान परस्त लश्कर ए तोएबा के कमांडर सैयद सलाउद्दीन ने 1987 में राज्य में विधानसभा चुनाव लड़ा था वो हार गया तो पाकिस्तान चला गया और आतंकवादी संगठन तैयार कर लिया। ऐसा क्यों हुआ?

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