नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला गंभीर भ्रष्टाचार का मामला है और सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने खिलाफ अदालत में लड़ाई करनी चाहिए न कि इसके लिए संसद की कार्यवाही बाधित करें।
संसद से बाहर जेटली ने पत्रकारों से कहा, "यह गंभीर भ्रष्टाचार का मामला है, क्योंकि राजनीतिक उद्देश्य से इकट्ठी की गई राशि का व्यापारिक इस्तेमाल किया गया।" जेटली ने कहा, "सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है..संसद का भी इसमें क्या काम? निजी तौर पर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई और सरकार पूरे मामले में कहीं है ही नहीं।" उन्होंने आगे कहा, "उन्हें (कांग्रेस) इसका सामना करना होगा और अदालत को जवाब देना होगा, न कि सदन की कार्यवाही बाधित करें।"
जेटली ने कहा कि यह भारत का दुर्भाग्य है कि आपके सामने एक राजनीतिक पार्टी है जिसने इस देश पर 50 साल शासन किया और उसके नेताओं के खिलाफ आरोप लगा है। उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ राजनीतिक उद्देश्यों के लिए एकत्र कोष का गलत उपयोग करने का आरोप लगा है।
उन्होंने सवाल किया कि इस मामले में संसद किस प्रकार शामिल है। उन्होंने कहा, संसद यह फैसला नहीं करती कि कौन दोषी है या निर्दोष और न ही मीडिया ऐसा तय करता है। भारत एक बनाना रिपब्लिक नहीं है जहां मीडिया या संसद किसी निजी शिकायत में दोषी या निर्दोष के बारे में फैसला करेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि कोई भी नागरिक जो यह महसूस करता है कि आपराधिक उल्लंघन हुआ है, निजी शिकायत दर्ज करा सकता है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए चुनौती देते हैं।