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जम्मू-कश्मीर के बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र रैना को पाकिस्तान से मिली धमकी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 21, 2018 01:42 pm IST,  Updated : Jun 21, 2018 02:06 pm IST

जम्मू-कश्मीर के बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र रैना को पाकिस्तान के आतंकियों द्वारा धमकी दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। यह माना जा रहा है कि रविंद्र रैना को यह कॉल पाकिस्तान के कराची से आया था।

Jammu and Kashmir BJP president Ravinder Raina threatens...- India TV Hindi
Jammu and Kashmir BJP president Ravinder Raina threatens from Pakistan

जम्मू-कश्मीर के बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र रैना को पाकिस्तान के आतंकियों द्वारा धमकी दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। यह माना जा रहा है कि रविंद्र रैना को यह कॉल पाकिस्तान के कराची से आया था। आतंकियों ने रैना को शुजात बुखारी की तरह हश्र करने की धमकी दी है। रैना ने इस मसले पर बोलते हुए कहा, 'पाकिस्तान इस तरह की गीदड़ भभकियां देता रहता है। खुद को इस्लामिक मुल्क कहने वाले पाकिस्तान ने कश्मीरियों को ईद नहीं मनाने दी। पाकिस्तान की इस तरह की गीदड़ भभकियों से हम डरने वाले नहीं हैं।'

गौरतलब है कि बीते मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर दिया, जिसके बाद महबूबा मुफ्ती को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। बुधवार को सूबे में राज्यपाल शासन भी लगा दिया गया। भाजपा ने घाटी में आतंकवादी गतिविधियों व कट्टरवाद की बढ़ोतरी का हवाला देते हुए कहा कि गठबंधन में बने रहना मुश्किल हो गया था। जल्दबाजी में बुलाए गए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने अचानक इस फैसले की घोषणा की थी। राज्य के नेताओं को परामर्श के लिए तत्काल राष्ट्रीय राजधानी बुलाया गया था। यह कदम ऐसे समय में आया है, जब 2019 के आम चुनाव में साल भर से भी कम समय बाकी है। गठबंधन के टूटने के पीछे की वजह महबूबा मुफ्ती का राज्य के हालात को संभालने में नाकाम रहना बताया गया।  (कश्मीर: राज्यपाल शासन के बाद अलगाववादियों पर ऐक्शन तेज, यासीन मलिक हिरासत में )

इस कदम से दो महीने पहले भाजपा ने कठुआ दुष्कर्म मामले में लोगों की नाराजगी को लेकर अपने उपमुख्यमंत्री को बदला था। केंद्र सरकार के संघर्षविराम नहीं जारी रखने के फैसले के दो दिन बाद यह कदम सामने आया है। पीडीपी व भाजपा ने दिसंबर 2014 के चुनाव में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में दो महीने से ज्यादा समय बाद गठबंधन सरकार का गठन किया था। जम्मू एवं कश्मीर की 89 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 25 व पीडीपी को 28 सीटें मिलीं थीं, जबकि नेशनल कांफ्रेस को 15 व कांग्रेस 12 सीटों पर जीत मिली थी। पीडीपी-भाजपा सरकार एक मार्च, 2015 को सत्ता में आई थी।

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