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लालू, मायावती ने भोपाल एनकाउंटर की न्यायिक जांच की मांग की

 Written By: India TV News Desk
 Published : Nov 01, 2016 02:28 pm IST,  Updated : Nov 01, 2016 02:28 pm IST

पटना/लखनऊ: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में केंद्रीय कारागार से भागे सिमी के आठ कार्यकर्ताओं की

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पटना/लखनऊ: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में केंद्रीय कारागार से भागे सिमी के आठ कार्यकर्ताओं की पुलिस मुठभेड़ के मामले की जांच कराए जाने की मांग की है। लालू यादव ने कहा कि "मुठभेड़ 'फेक' है या सच हुआ, इस मामले में संदेह है। ऐसे में घटना की पूरी जांच होनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि रविवार देर रात भोपाल के केंद्रीय कारागार से सिमी के आठ आतंकवादी एक प्रहरी की गला रेतकर हत्या करके और एक अन्य को बंधक बनाने के बाद फरार हो गए थे, जिन्हें कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने राजधानी से 25 किलोमीटर दूर गुनगा थाना क्षेत्र के अचारपुरा के जंगल में कथित रुप से मार गिराया। 

लालू प्रसाद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "देश की सुरक्षा के मामले में केंद्र सरकार पूरी तरह असफल हो चुकी है। सरकार का कोई कंट्रोल नहीं रह गया है। प्रतिदिन सीमा पर हमारे सैनिक शहीद हो रहे हैं।"

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के आतंकवादियों व पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सिमी के आठ आतंकियों के मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। लखनऊ माल एवेन्यू स्थित बसपा प्रदेश कार्यालय से मंगलवार को जारी एक बयान में मायावती ने यह मांग उठाई है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मध्य प्रदेश में हुई पुलिस मुठभेड़ पर प्रश्न चिन्ह लगाया है। 

मायावती ने कहा, "मध्य प्रदेश पुलिस के ही हवाले से जो खबर आ रही है, उसी के हिसाब से सिमी संगठन से सम्बद्घ 8 फरार आतंकवादी निहत्थे थे तथा उन्हें आसानी से दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता था। लेकिन ऐसा करने का प्रयास तक नहीं किया गया। इस प्रकार प्रथम ²ष्टया यह मामला संदिग्ध लगता है। इस पुलिस मुठभेड़ की घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए।"

बसपा अध्यक्ष ने कहा है कि वैसे भी भाजपा-शासित राज्यों में पुलिस का जिस प्रकार से राजनीतिक व साम्प्रदायिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए इस्तेमाल हो रहा है, वह किसी से छिपा नहीं है। पूरे देश को मालूम है मध्य प्रदेश की पुलिस ने बहुचर्चित व्यापमं घोटाले की जांच स्वतंत्रतापूर्वक नहीं करके सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने का काम किया था। 

उन्होंने कहा कि कई घटनाएं हैं, जिनसे यह साफ प्रतीत होता है कि मध्य प्रदेश सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संकीर्ण व सांप्रदायिक एजेंडे को प्रदेश में सख्ती से लागू करने के लिए पुलिस महकमे का लगातार गलत इस्तेमाल कर रही है।

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