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हजारे ने बगैर राजनीतिक हस्तक्षेप के मजबूत लोकपाल की हिमायत की

 Written By: Bhasha
 Published : Dec 04, 2015 07:20 am IST,  Updated : Dec 04, 2015 07:42 am IST

नयी दिल्ली/रालेगण सिद्धि: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने एक मजबूत दिल्ली जनलोकपाल विधेयक की हिमायत करते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का रूख कर विधेयक में आवश्यक बदलावों की मांग करेंगे ताकि लोकपाल

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बगैर राजनीतिक हस्तक्षेप के मजबूत लोकपाल की हिमायत

नयी दिल्ली/रालेगण सिद्धि: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने एक मजबूत दिल्ली जनलोकपाल विधेयक की हिमायत करते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का रूख कर विधेयक में आवश्यक बदलावों की मांग करेंगे ताकि लोकपाल की नियुक्ति और हटाया जाना राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रहे। इस बीच, दिल्ली सरकार ने आज मसौदा विधेयक के दो प्रावधानों में संशोधनों को मंजूरी दी जिनमें लोकपाल की नियुक्ति और हटाए जाने के प्रावधान शामिल हैं। हजारे ने हाल में आप नेताओं के साथ अपनी मुलाकात में ऐसा सुझाव दिया था। दिल्ली सरकार में वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता वाली बैठक में यह फैसला किया गया।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बदलाव के मुताबिक चयन समिति में एक और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और एक प्रख्यात व्यक्ति का प्रावधान होगा जबकि हटाए जाने की महाभियोग की प्रक्रिया लोकपाल के खिलाफ आरोपों की उच्च न्यायालय की निगरानी में जांच के बाद ही शुरू होगी। हजारे ने कहा कि मौजूदा विधेयक दिल्ली लोकपाल को केंद्र सरकार के अधिकारियों और मंत्रियों के खिलाफ जांच करने की गुंजाइश देता है। इस बात पर केंद्र अपनी मंजूरी नहीं दे सकता है इससे कानून लटक जाएगा। उन्होंने कहा कि 2014 का विधेयक और उत्तराखंड लोकायुक्त विधेयक मजबूत विधेयक थे।

हजारे ने कहा, मैं अरविंद जी :केजरीवाल: से कहुंगा कि यदि आपने 2014 में विधेयक लाया था तो उस विधेयक को वापस लाने में क्या बाधा है। हमारा मानना है कि यदि लोकपाल कानून को तब बनाया जाता तो यह मजबूत होता। स्वराज अभियान के नेता प्रशांत भूषण से अपने गांव रालेगण सिद्धि में मुलाकात होने के बाद हजारे की टिप्पणी आई है। भूषण हजारे के नेतृत्व में हुए 2011 के भ्रष्टाचार रोधी जनलोकपाल आंदोलन का हिस्सा थे। आप और स्वराज अभियान दोनो ही विधेयक पर गतिरोध को लेकर हजारे को अपनी ओर करने की उम्मीद में हैं। स्वराज अभियान में आप के निष्कासित नेता योगेन्द्र यादव भी हैं। हजारे ने बताया कि प्रशांत भूषण ने उन्हें नये कानून के बारे में बताया लेकिन इसमें कुछ खामियां हैं। हमे एक मजबूत लोकपाल की जरूरत है।

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