मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा ने बजट पेश किए जाने के दौरान शोरगुल करने के कारण निलंबित किए गए 19 में से नौ विपक्षी सदस्यों का निलंबन आज वापस ले लिया। इन विधायकों को 22 मार्च को निलंबित कर सदन की कार्यवाहियों में इनके हिस्सा लेने पर इस साल के बाकी बचे महीनों तक की रोक लगा दी गई थी।
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सत्तारूढ़ पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, भाजपा की अगुवाई वाली सरकार बाकी बचे 10 विधायकों का निलंबन वापस लेने पर जल्द ही फैसला कर सकती है। निलंबित किए गए 19 विधायकों में 10 एनसीपी जबकि नौ कांग्रेस के थे।
संसदीय कार्य मंत्री गिरीश बापट की ओर से जब नौ विधायकों का निलंबन वापस लेने का प्रस्ताव पेश किया गया तो उसे ध्वनि मत से सदन ने स्वीकार कर लिया। बापट ने कहा, निलंबन के कारण वे (विधायक) बजट सत्र के बाकी हिस्सेे के साथ-साथ आगामी मानसून और शीतकालीन सत्र में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। सरकार का मानना है कि विधायकों को सदन की कार्यवाहियों में हिस्सा लेने से दूर रखना सही नहीं है।
कांग्रेस के संग्राम तोप्टे, अब्दुल सत्तार, अमित जनक, डी पी सावंत और एनसीपी के नाहरी जिरवाल, दीपक चव्हाण, दत्तात्रेय भरने, अवधूत ठाकरे और वैभव पिचड के निलंबन वापस लिए गए हैं। पिछले महीने बजट सत्र शुरू होने के बाद से ही विपक्ष प्रदर्शन कर मांग कर रहा था कि सरकार राज्य के तंगहाल किसानों की कर्ज माफी की तत्काल घोषणा करे। विपक्ष ने 18 मार्च को बजट पेश करने के दिन सदन की कार्यवाही में बाधा उत्पन्न की थी।
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