नई दिल्लीः लोकसभा में मंगलवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों सहित विभिन्न दलों के सदस्यों ने पुलिसकर्मियों द्वारा की जा रही आत्महत्या पर चिंता जताई। सरकार ने कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए विशेष रूप से आवास की व्यवस्था सहित उनके काम के हालात में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त और भाजपा सदस्य सत्यपाल सिंह ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण और बहुत चिंता की बात है कि जनता को सुरक्षा मुहैया कराने वाले पुलिसकर्मी अक्सर आत्महत्या कर लेते हैं।"
पूरक प्रश्न पूछते हुए उन्होंने यह भी सलाह दी कि पुलिसकर्मियों के काम के घंटे को सख्ती के साथ आठ घंटे ही रखा जाए। इसके विपरीत पुलिसकर्मी अक्सर 12-14 घंटे काम करते हैं। सिंह ने कहा, "पुलिसकर्मियों के आवास की स्थिति और बेहतर करने की जरूरत है। पुलिस को आवास मुहैया कराने में राज्यों की भूमिका है।" उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के काम के हालात में आम तौर पर तभी बेहतरी आ सकती है जब केंद्र और राज्यों के बीच सक्रिय सहयोग हो।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने स्वीकार किया कि पुलिसकर्मियों के लिए आवास की व्यवस्था का स्तर संतोषजनक नहीं है। इस बारे में राज्य के स्तर से कदम उठाया जाना जरूरी है। गृहमंत्री ने कहा, "लेकिन, मैं कह सकता हूं कि कुछ राज्यों ने घर के मामले में संतोषजनक बेहतरी लाने की कोशिश की है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र पुलिस के काम के हालात में कुल मिलाकर बेहतरी लाने और उनके आवास की सुविधा सुनिश्चित कराने के लिए गंभीर है।
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