भाजपा के अन्य सदस्य और पूर्व केंद्रीय गृह सचिव आर. के. सिंह ने कहा कि पहले पुलिस आवास भी पुलिस आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा था लेकिन तकनीकी कारणों से इसे बंद कर दिया गया। गृह मंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार पुलिस के काम की स्थिति में सुधार करने के लिए गंभीर है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा पुलिस आधुनिकीकरण कार्यक्रम में बेहतरी लाने के लिए मंत्रिमंडल का नोट तैयार किया जा रहा है।
कांग्रेस के सदन के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे चाहते थे कि पुलिस की आवास की व्यवस्था करने के मामले में केंद्र अविलंब हस्तक्षेप करे। उन्होंने कहा कि जब लालकृष्ण आडवाणी गृहमंत्री थे तो तब एक योजना तैयार करने की मांग की गई थी। तब केंद्र सरकार ने राज्यों को पुलिस आवास के लिए 75 फीसदी धन मुहैया कराया था।उन्होंने कहा कि गैर योजना मद में पहले से ही इसके लिए 595 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हरिभाई पार्थीभाई चौधरी ने स्वीकार किया कि संख्याबल में कमी की वजह से अक्सर पुलिसकर्मी को काम के तय घंटों के अतिरिक्त काम करने के लिए लगा दिया जाता है। चौधरी ने कहा, पहले 22 लाख पुलिसकर्मियों की कमी थी। अब इस संख्या में पर्याप्त कमी आई है लेकिन कई राज्यों को मिलाकर अभी भी पांच लाख पुलिसकर्मियों की कमी है।