नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के दंगल का दिल्ली में दूसरा राउंड आज होगा। बेटे अखिलेश से आखाड़े में दो-दो हाथ कर रहे मुलायम सिंह यादव आज चुनाव आयोग से मिलकर पार्टी के चुनाव चिन्ह पर आपना दावा ठोकेंगे।
मुलायम अखिलेश खेमे की तरह अपने समर्थक विधायकों-सांसदों का हलफनामा लेकर आयोग के सामने पार्टी पर अपना दावा पेश करेंगे। चुनाव आयोग ने दोनों खेमों को आज तक का वक्त दिया था। चुनाव आयोग ने दोपहर एक बजे का समय दिया है। मुलायम सिंह यादव के साथ अमर सिंह और शिवपाल यादव भी होंगे।
पिछले दिनों एसपी के अधिवेशन में अखिलेश को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद के पार्टी दो भागों में बंट गई है। दोनों गुट चुनाव चिन्ह साइकिल पर भी दावा कर रहे हैं और इसीलिए चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से समर्थन के हलफनामे मांगे हैं जिसका आज आखिरी दिन है।
अखिलेश गुट पहले ही हलफनामे देकर 90 फीसद नेताओं के साथ होने का दावा कर चुका है। अब जिस पक्ष के पास बहुमत (50 प्रतिशत से एक ज्यादा) होगा, पार्टी पर नियंत्रण उसी का होगा। आपको बता दें कि अगर समय रहते चुनाव आयोग फैसला नहीं कर पाता तो साइकिल निशान के इस्तेमाल पर रोक भी लग सकती है। आयोग को 17 जनवरी से पहले फैसला करना है क्योंकि उसी दिन चुनाव के पहले चरण की अधिसूचना जारी होगी।
पहले चरण के लिए चुनाव दो फरवरी को होने हैं और अधिसूचना के साथ ही, नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मुलायम और अखिलेश के गुट एक समय पर एक ही चुनाव चिह्न यानी साइकिल के साथ चुनाव नहीं लड़ सकते हैं।
कल दिल्ली पहुंचे मुलायम ने खुद को एसपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताते हुए अखिलेश गुट के अधिवेशन को फर्जी कहा था। हालांकि अखिलेश के प्रति वो नरम ही दिखे। मुलायम ने कल शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, “मैं पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिलेश सिर्फ मुख्यमंत्री और शिवपाल प्रदेश अध्यक्ष हैं। रामगोपाल बार्खास्त नेता हैं इसलिए उन्हें पार्टी का अधिवेशन बुलाने का अधिकार नहीं हैं।”
कल दिल्ली निकलने से पहले मुलायम ने शिवपाल के दफ्तर में फिर उनकी नेम प्लेट लगा दी थीं और चाबियां लेते गए थे। पिछले हफ्ते यहां अखिलेश समर्थकों ने कब्जा कर लिया था।