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मंत्री के घर के बाहर NCP कार्यकर्ताओं ने छोड़ दिए केकड़े, जानिए क्या है वजह

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 09, 2019 03:44 pm IST,  Updated : Jul 09, 2019 03:52 pm IST

महाराष्ट्र के तटीय रत्नागिरी जिले में तिवारे बांध टूटने की घटना में अभी तक 19 लोगों की मौत हो गई थी। चिपलुन तालुका में स्थित बांध तटीय कोंकण क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के कारण बृहस्पतिवार रात को टूट गया था।

NCP workers stage protest and threw crabs outside residence of Minister Tanaji Sawant in Pune- India TV Hindi
NCP workers stage protest and threw crabs outside residence of Minister Tanaji Sawant in Pune Image Source : ANI

पुणे: एनसीपी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पुणे में महाराष्ट्र के जल संरक्षण मंत्री तानाजी सावंत के घर के बाहर रत्नागिरी में तिवारे बांध टूटने पर उनके बयान के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने उनके घर के बाहर केकड़े फैक दिए। सैकड़ों कार्यकर्ता मंत्री तानाजी सावंत के पुणे के कात्रज स्थित बंगले में पहुंचे। बंगले में केकड़े डाल रहे कार्यकर्ताओं को सिक्युरिटी गार्ड ने रोकने की कोशिश की लेकिन कार्यकर्ता नही माने। काफी केकड़े बंगले में फेंककर तानाजी सावंत के खिलाफ जमकर नारेबाजी।

महिला कार्यकर्ता बड़ी संख्या में थी। यहां से केकड़े उठाकर कार्यकर्ता पुलिस थाने भी पहुंचे। जहां पर कार्यकर्ताओं ने कहां की मंत्री तानाजी सावंत के बंगले को इन केकड़ो के कारण खतरा है...इन्हें गिरफ्तार करे। अचानक हुए इस आंदोलन के कारण अफरातफरी मची थी। आपको बता दें कि तानाजी सावंत ने बांध टूटने के लिए केकड़ों को जिम्मेदार ठहराया था।

महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना के मंत्री तानाजी सावंत ने अजीब तर्क देते हुए रत्नागिरी में बांध टूटने की घटना के लिए केकड़ों को जिम्मेदार ठहराया था। घटना में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है। संवाददाताओं से बातचीत में जल संरक्षण मंत्री ने दावा किया था कि तिवेर बांध में पिछले 15 सालों से पानी संरक्षित हो रहा है, लेकिन इसके पहले इसमें कोई दरार नहीं आई थी।

सावंत ने कहा, "बांध साल 2004 में बना था और तब से इसमें कोई दरार नहीं आई.. हालांकि, बांध में केकड़ों की बड़ी समस्या है और इसी कारण से बांध में दरार आई है।" घटना को भारी आपदा बताते हुए मंत्री ने कहा था कि दो दिन पहले क्षेत्र में भारी बारिश हुई थी। बारिश 192 मिलीमीटर हुई थी, जिससे बांध का जल स्तर सिर्फ आठ घंटों में आठ मीटर ऊपर उठ गया था। उन्होंने कहा कि भेंदेवाड़ी गांव के निवासियों ने सरकार को बांध में दरार की समस्या से अवगत कराया था और अधिकारियों ने इस पर कार्रवाई की थी।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने सावंत पर हमला करते हुए इसे उनकी पार्टी (शिवसेना) के विधायक का शर्मनाक बचाव करना बताया, जो बांध का ठेकेदार था। मलिक ने कहा, "आप एक बड़ी और भ्रष्ट शार्क को बचाने के लिए तुच्छ केकड़ों पर आरोप लगाना चाहते हैं? इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इसकी जांच होनी चाहिए और उन्हें दण्ड मिलना चाहिए।"

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