लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत हर बीते लम्हे के साथ नया मोड़ लेती जा रही है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी में सियासत के दांवपेच का दौर अभी भी जारी है। राज्य की सत्ता पर काबिज समाजवादी कुनबे के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने रविवार को राम गोपाल यादव के बुलाए गए अधिवेशन को असंवैधानिक बताया है। उन्होंने कहा कि इस अधिवेशन में लिए गए सारे फैसले रद्द किए जाते हैं। यही नहीं, उन्होंने रामगोपाल यादव को एक बार फिर 6 साल के लिए समाजवादी पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही मुलायम ने किरणमय नंदा और नरेश अग्रवाल को भी 6 साल के लिए पार्टी से बाहर किया है। शिवपाल यादव ने ट्वीट कर इस फैसले के बारे में जानकारी दी।
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मुलायम सिंह यादव ने एक चिट्ठी जारी करते हुए कहा कि कुछ लोग उन्हें अपनमानित करके बीजेपी को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने चिट्ठी में लिखा है कि ऐसे ही लोगों ने आज पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया था। अब मुलायम ने उसी जनेश्वर मिश्र पार्क में 5 जनवरी को फिर से पार्टी का अधिवेशन बुलाया है, जिसमें आज अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था। इस अधिवेशन में शिवपाल यादव को पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने तथा अमर सिंह को पार्टी से बाहर करने का भी फैसला लिया गया था।
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वहीं, शिवपाल यादव एक बार फिर मुलायम सिंह यादव के घर पहुंचे है। इससे पहले उन्होंने सुबह भी मुलायम से मुलाकात की थी और कहा जा रहा है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। वहीं सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ में आज आयोजित अधिवेशन में पार्टी से निकाले गए राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह भी लंदन से भारत के लिए रवाना हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि वह सोमवार को समाजवादी कुनबे के मुखिया मुलायम सिंह यादव से मुलाकात करेंगे।