नयी दिल्ली: राहुल गांधी के इस्तीफे पर अडिग रहने के बीच कांग्रेस ने शनिवार को को कहा कि पार्टी में यह आम राय है कि गांधी को पद पर बने रहना चाहिए। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, ''कांग्रेस कार्य समिति ने राहुल जी का इस्तीफा न सिर्फ नामंजूर किया बल्कि यह आग्रह भी किया कि वह पद पर बने रहें। हमारे राज्यों की इकाइयों ने भी प्रस्ताव पारित करके भेजा जिसमें भी यही बात दोहराई गई कि वह अध्यक्ष बने रहें।'' उन्होंने कहा, ''पूरी कांग्रेस पार्टी एक आवाज में बोल चुकी है और चाहती है कि राहुल जी पार्टी का नेतृत्व करते रहें।''
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कई नेताओं के राहुल गांधी के समर्थन में इस्तीफा देने के सवाल पर खेड़ा ने कहा कि अपनी भावना प्रकट करने का सबका अपना तरीका है लेकिन मकसद एक है कि गांधी अध्यक्ष बने रहें। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद 25 मई को हुई पार्टी कार्य समिति की बैठक में राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि कार्य समिति के सदस्यों ने उनकी पेशकश को खारिज करते हुए उन्हें आमूलचूल बदलाव के लिए अधिकृत किया था।
इसके बाद से गांधी लगातार इस्तीफे की पेशकश पर अड़े हुए हैं। हालांकि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे आग्रह किया है कि वह कांग्रेस का नेतृत्व करते रहें। उधर, गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कश्मीर समस्या के लिए देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की नीतियों को जिम्मेदार ठहराने को लेकर पलटवार करते हुए खेड़ा ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रियों को इतिहास का सही ज्ञान लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ''अगर वो चाहें तो हम उन्हें इतिहास की कुछ पुस्तकें भिजवा सकते हैं। वैसे, जो सच है वो सच रहेगा।'' खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि यह ऐतिहासिक तथ्य है कि भाजपा के पूर्वज आजादी की लड़ाई में शामिल नहीं हुए थे।