चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार के बाद आज राज्यपाल वी पी सिंह बदनौर को अपना इस्तीफा सौंप दिया। अंतिम बार बादल की अध्यक्षता में पंजाब मंत्रिमंडल ने अपनी एक बैठक में विधानसभा को भंग करने की सिफारिश की ताकि नयी विधानसभा के गठन का मार्ग प्रशस्त हो।
राजभवन के प्रवक्ता ने बताया कि उन्यासी वर्षीय अकाली नेता अपने बेटे और उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के साथ राजभवन गए और राज्यपाल को त्यागपत्र सौंपा। पांच बार के मुख्यमंत्री रहे बादल ने पंजाब कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह को हराकर अपनी लांबी सीट बरकरार रखी है। वैसे अमरिंदर ने अपना पारंपरिक गढ़ पटियाला सीट बचा लिया।
ये भी पढ़ें
- पंजाब विधानसभा चुनाव: कांग्रेस का वोट शेयर 2012 से कम, सीटें ज्यादा
- ईरोम शर्मिला ने लिया राजनीति छोड़ने का फैसला, कहा- ‘राजनीतिक प्रणाली से तंग आ चुकी हूं’
इस चुनाव में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा गठबंधन तीसरे स्थान पर चला गया तथा वह 117 सदस्यीय सदन में महज 18 सीटें ही जीत पाया। शिअद को 15 सीटें मिली जबकि उसकी सहयोगी भाजपा महज तीन सीट ही जीत पायी। आम आदमी पार्टी 20 सीटों पर काबिज हो गयी। कांग्रेस 77 सीटें जीत गयी है जो दो तिहाई बहुमत से महज एक कम है। इस तरह दस साल का बादल शासन समाप्त हो गया।
इससे पहले बादल ने मंत्रिमंडल की बैठक की जिसमें विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव पारित हुआ। राज्यपाल से भेंट के बाद सुखबीर सिंह बादल ने कहा, मैं कांग्रेस की जीत पर कैप्टन को बधाई देता हूं। ढेर सारा विकास करने के बाद भी शिअद की हार क्यों हो गयी, हम इस पर आत्ममंथन करेंगे।