सोमवार को समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का घोषणा करना कि आगामी विधानसभा चुनाव के बाद उनका बेटा अखिलेख ही राज्य का मुख्यमंत्री होगा, साफ़ संकेत देता है कि पार्टी में अखिलेश की पकड़ ज़्यादा मज़बूत है। इसी रौशनी में आज दिल्ली में अखिलेश और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बीच बैठक की ख़बरे हैं जिसमें उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन को लेकर चर्चा होगी। ख़बर तो ये भी है कि राहुल और अखिलेश के बीच आपसी सहमति पहले ही बन चुकी थी।
कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर समाजवादी पार्टी के अखिलेश गुट के साथ लगातार संपर्क में रहे हैं। इस मुलाकात के दो-चार दिन बाद समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ अजित सिंह की आरएलडी, संजय निषाद की निषाद पार्टी, पीस पार्टी, आरजेडी और अपना दल जैसे छोटे दल को मिलाकर बिहार की तर्ज पर महागठबंधन बनाने की कोशिश करेंगे।
अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने के सवाल पर सभी सहमत हैं लेकिन जो सवाल ये है कि मुलायम के ख़ास शिवपाल और अमर क्या दरकिनार होंगे? क्या अखिलेश रामगोपाल को किनारे कर पाएंगे जैसा कि मुलायम चाहते हैं?