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एआईएडीएमके में शशिकला युग समाप्त, पार्टी से हुईं बर्ख़ास्त

 Written By: India TV News Desk
 Published : Sep 12, 2017 01:00 pm IST,  Updated : Sep 12, 2017 01:00 pm IST

तमिलनाडु में सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने पार्टी की उप महासचिव शशिकला को न सिर्फ़ पद से हटा दिया बल्कि पार्टी से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ये फ़ेसला आज पार्टी की बैठक में किया गया।

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चेन्नई: तमिलनाडु में सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने पार्टी की उप महासचिव शशिकला को न सिर्फ़ पद से हटा दिया बल्कि पार्टी से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ये फ़ेसला आज पार्टी की बैठक में किया गया। यही नहीं, शशिकला के भतीजे टी.टी.वी दिनाकरन को भी पद से हटा दिया गया है। पन्नीरसेल्वम और पलनिसामी ग़ुट की ओर से मंगलवार को बुलाई गई आम परिषद की बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पास किया गया। शशिकला को पार्टी सुप्रीमो जे.जयललिता के निधन के बाद दिसंबर 2016 में पार्टी महासचिव बनाया गया था।

तमिलनाडु के मंत्री आर.बी उदयकुमार के अनुसार दिवंगत अम्मा (जयललिता) ने पार्टी पदाधिकारियों के तौर पर जिनको भी नियुक्त किया था, वे बने रहेंगे। पार्टी अब अविभाजित है और चुनाव चिह्न के तौर पर 'दो पत्ती' वापस लेने की कोशिश करेगी। अस्थाई जनरल सेक्रटरी पद को खत्म करने पर भी सहमति बनी जिसके तहत ही शशिकला को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। उदयकुमार ने बताया कि जयललिता पार्टी की स्थाई जनरल सेक्रटरी बनी रहेंगी। 

संयुक्त एआईएडीएमके का तर्क है कि चूंकि शशिकला को हटा दिया गया है, इसलिए 26 दिसंबर 2016 से लिए गए उनके सभी फैसले निरस्त माने जाएंगे। इनमें शशिकला द्वारा अपने रिश्तेदार टीटीवी दिनकरन को अप महा-सचिव बनाना भी शामिल है। 

दिनकरन ने पन्नीरसेल्वम और सीएम पलनिसामी को चुनौती दी कि अगर दोनों के पास पार्टी वर्करों का समर्थन है तो वे चुनाव में जाने की हिम्मत दिखाएं। दिनकरन ने कहा कि अधिकतर मंत्रियों को डर है कि अगर वे चुनावी मैदान में गए तो निश्चित तौर पर हार जाएंगे।

बता दें कि इससे पहले, एआईएडीएमके के दो धड़ों पन्नीरसेल्वम और पलनिसामी गुट ने विलय का ऐलान किया था। हालांकि, इस विलय का आधार ही यही था कि शशिकला को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। डीएमके ने इस विलय का विरोध करते हुए विश्वास मत की मांग की थी। डीएमके का दावा था कि सीएम पलनिसामी के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं है। टीटीवी दिनकरन ने भी यही मांग उठाई थी।

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