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SC/ST का आरक्षण बना रहेगा, एंग्लो-इंडियन के आरक्षण के लिए दरवाजे बंद नहीं हुए: प्रसाद

 Reported By: Bhasha
 Published : Dec 10, 2019 04:23 pm IST,  Updated : Dec 10, 2019 04:23 pm IST

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद एवं राज्यों की विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण को 10 साल के लिए बढ़ाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील करते हुए लोकसभा में कहा कि इन दोनों वर्गों के लिए आरक्षण बना रहेगा।

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नई दिल्ली: कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद एवं राज्यों की विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण को 10 साल के लिए बढ़ाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील करते हुए मंगलवार को लोकसभा में कहा कि इन दोनों वर्गों के लिए आरक्षण बना रहेगा। ‘संविधान (एक सौ छब्बीस संशोधन) विधेयक-2019’ को चर्चा एवं पारित कराने के लिए सदन में रखते हुए उन्होंने यह भी कहा कि एंग्लो-इंडियन के आरक्षण का प्रस्ताव अभी नहीं आया है, लेकिन इसके लिए दरवाजे बंद नहीं हुए हैं।

दूसरी तरफ, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विधि मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एंग्लो-इंडियन समुदाय को संसद और विधानसभा में मिले आरक्षण को बरकरार रखा जाए तथा इस वर्ग की सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक स्थिति का पता करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए।

बहरहाल, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी और इसके 70 वर्षों के दौरान हर एक दशक पर आगे बढ़ाया गया। वर्तमान में 10 साल की मियाद 25 जनवरी, 2020 को पूरी हो रही है, ऐसे में यह विधेयक लाया गया है ताकि इसे 25 जनवरी, 2030 तक बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक कारणों से अनुसूचित जाति और जनजाति के साथ भेदभाव हुआ, उसी के मुआवजे के रूप में आरक्षण की व्यवस्था की गई। यह हम सबका कर्तव्य है कि हम इन समुदायों के सशक्तीकरण के लिए प्रयास करें।

मंत्री ने कहा कि लोकसभा में अनुसूचित जाति के लिए 84 तथा विधानसभाओं में 614 सीटें और जनजाति के लिए 47 सीटें तथा विधानसभाओं 554 सीटें आरक्षित हैं। प्रसाद ने कहा कि 2011 की जनगणना की मुताबिक देश में सिर्फ 296 एंग्लो-इंडियन हैं। इस विधेयक में इनके लिए आरक्षण का प्रस्ताव नहीं है, लेकिन इस पर विचार किया जाएगा। अभी इनके लिए दरवाजे बंद नहीं हुए हैं।

विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के हिबी ईडेन ने कानून मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इनकी जो संख्या बताई गई है, वह सत्य नहीं है और कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि एंग्लो-इंडियन का देश के विकास में बड़ा योगदान रहा है और उनके लिए आरक्षण बरकरार रहना चाहिए। ईडेन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षण की पक्षधर है और इसे 10 साल के लिए बढ़ाए जाने का पूरा समर्थन करती है। उन्होंने यह भी कहा कि एंग्लो-इंडियन वर्ग के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक स्थिति का पता करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए।

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