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शिवसेना का बीजेपी से मोहभंग, 2019 में अकेले लड़ेगी चुनाव

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 23, 2018 02:20 pm IST,  Updated : Jan 23, 2018 02:20 pm IST

उद्धव ठाकरे ने कहा कि पार्टी ने फैसला किया है कि राज्य में पार्टी अपने दम पर आगे चुनाव लड़ेगी और राज्य के बाहर भी हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी।

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शिवसेना का बीजेपी से मोहभंग, 2019 में अकेले लड़ेगी चुनाव

नई दिल्ली: शिवसेना एनडीए से अलग होगी। शिवसेना ने 2019 का लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है। शिवसेना की कार्यकारिणी की बैठक में एक प्रस्ताव रखा गया। संजय राउत के इस प्रस्ताव में अकेले लड़ने की बात थी जिसे सर्वसम्मति से मान लिया गया। लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा चुनाव भी अकेले लड़ेगी शिवसेना। पार्टी ने साफ किया कि अगला विधानसभा चुनाव भी पार्टी अकेले ही लड़ेगी। पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक के दौरान पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने फैसला किया है कि राज्य में पार्टी अपने दम पर आगे चुनाव लड़ेगी और राज्य के बाहर भी हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी की हार होती है या जीत यह जरूरी नहीं, पार्टी की विचारधारा जरूरी है।

बता दें कि राज्य में अभी बीजेपी और शिवसेना की गठबंधन सरकार है। बीजेपी राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है और पिछला चुनाव शिवसेना और बीजेपी ने अकेले अकेले ही लड़ा था। चुनाव परिणामों के बाद सत्ता समीकरण के चलते दोनों दलों में  गठबंधन हुआ था और बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनी थी। महाराष्‍ट्र विधानसभा की स्थिति के अनुसार भाजपा+ सहयोगी- 122+ 1,  शिवसेना - 63, कांग्रेस - 42, एनसीपी - 41, एआईएमआईएम - 2  है। महाराष्‍ट्र में लोकसभा की स्थिति कुल - 48, भाजपा - 23, शिवसेना - 18 , कांग्रेस - 2 , एनसीपी - 4, स्‍वाभिमानी पार्टी - 1 है।

कार्यकारिणी की बैठक में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने जो विश्वास उनपर और पार्टी पर जताया है वह उसके आभारी हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी से अलग चुनाव लड़ने का फैसला काफी विचार करने के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर सरदार वल्लभ पटेल पीएम होते तो कश्मीर का मुद्दा न बनता और मराठवाड़ा भी आजाद नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही कई दलों को पाकिस्तान की याद आ जाती है।

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