नई दिल्ली: आम आदमी के पार्टी के नेता जितेंद्र तोमर की फर्जी डिग्री मामले ने राजनीति के मामले को गरमा दिया है। दिल्ली से लेकर चुनावी राज्य बिहार तक मे यह मामला गरम है और इस पर जमकर राजनीति भी हो रही है। इसी मामले में आज भाजपा की नेता केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के मामले पर आज अदालत का फैसला आने वाला है। हालांकि स्मृति की डिग्रियों का मामला पहले भी सामने आया है, लेकिन जितेंद्र तोमर के डिग्री विवाद के बाद इसने एक नया रूप ले लिया है। इस मामले में पहले ही आम आदमी पार्टी ने कहा था कि हम स्मृति ईरानी के डिग्रियों के मामले में तथ्य जुटाएंगे और अपील करेंगे।
स्मृति ईरानी डिग्री मामला
भारतीय जनता पार्टी की नेता स्मृति ईरानी को अमेठी से चुनाव हारने के बाद भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय जैसा अहम विभाग दिया गया। विभाग के बंटवारे के बाद ही स्मृति ईरानी की योग्यता पर सवाल खड़े होने लगे। स्मृति ईरानी द्वारा चुनाव आयोग को दिए गये हलफनामें बाहर आये और इन हलफनामों में उनकी अलग- अलग शैक्षणिक योग्यता का जिक्र किया गया था। हलफनामे में ईरानी ने कहा, डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से बैचलर ऑफ कॉमर्स में पार्ट वन पूरा किया है।
इससे पहले उन्होंने 2004 के लोकसभा चुनाव में दिये गये हलफनामे में 1996 में दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कॉरेसपॉडेंस से बी.ए की बात कही थी। अलग- अलग हलफनामों में अलग- अलग जानकारी को लेकर अब स्मृति ईरानी विवादों में है। स्मृति ईरानी की डिग्री मामले में आज अदालत का फैसला आने की संभावना है।
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