1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. NDA छोड़ने और अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद पहली बार बोले चंद्रबाबू नायडू, कही ये बड़ी बातें

NDA छोड़ने और अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद पहली बार बोले चंद्रबाबू नायडू, कही ये बड़ी बातें

 Reported By: Bhasha
 Published : Mar 16, 2018 08:40 pm IST,  Updated : Mar 16, 2018 08:41 pm IST

TDP के भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले NDA को छोड़ने और लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के कुछ घंटे बाद नायडू ने कहा कि...

TDP did not quit NDA for selfish reasons, says Andhra Pradesh CM Chandrababu Naidu | PTI Photo- India TV Hindi
TDP did not quit NDA for selfish reasons, says Andhra Pradesh CM Chandrababu Naidu | PTI Photo

अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि वह राज्य के वैध अधिकार सुनिश्चित करने के लिए एक ‘धर्मयुद्ध’ लड़ रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि TDP की विश्वसनीयता के चलते राष्ट्रीय स्तर पर पार्टियां NDA सरकार के खिलाफ उनकी पार्टी के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन कर रही हैं। TDP के भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले NDA को छोड़ने और लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के कुछ घंटे बाद नायडू ने कहा कि वह अब आगे बढ़ेंगे एवं राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न पार्टियों को साथ लाएंगे।

TDP प्रमुख ने कहा कि उन्होंने अभी तक किसी भी पार्टी से सम्पर्क नहीं किया है लेकिन ‘TDP की विश्वसनीयता’ के चलते वे अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘हम हमारे राज्य के वैध अधिकारों के लिए केंद्र के खिलाफ एक धर्मयुद्ध लड़ रहे हैं। TDP की राष्ट्रीय स्तर पर एक विश्वसनीयता है इसलिए कई पार्टियां हमें समर्थन के लिए आगे आ रही हैं। मैं जल्द ही उन लोगों से बात करूंगा जो हमारा समर्थन करने को तैयार हैं।’ नायडू ने परोक्ष रूप से YSR कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘हम नैतिक मूल्यों के चलते NDA से बाहर आए। उसके बाद ही हमने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। जिनका कोई नैतिक मूल्य नहीं है वे प्रधानमंत्री कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।’ 

आपको बता दें कि YSR कांग्रेस ने भी अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने विधान परिषद में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून के क्रियान्वयन पर एक अल्प चर्चा पर बोलते हुए TDP के NDA छोड़ने के कारण समझाए। उन्होंने कहा, ‘हम बंटवारे के बाद हमारे राज्यों के हितों के संरक्षण के लिए ही NDA में शामिल हुए थे। हमने इस उम्मीद से 4 वर्ष तक इंतजार किया कि केंद्र सभी वादों का सम्मान करेगा लेकिन उसने हमसे केवल अन्याय किया।’

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत